उत्तर प्रदेश में 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं को लेकर इस बार कई नई और सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा, निगरानी और परीक्षा संचालन से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए गए हैं।
इस बार प्रदेश के सभी जिलों के परीक्षा केंद्रों पर रिजर्व प्रश्नपत्र सेट रखे जाएंगे। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, तकनीकी समस्या या अप्रत्याशित कारणों से परीक्षा प्रभावित होने पर इन रिजर्व प्रश्नपत्रों का तुरंत इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे परीक्षा प्रक्रिया बाधित न हो।
परीक्षार्थियों को इस बार ए4 पोट्रेट साइज की नई उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी। पुरानी या पिछले वर्षों की कॉपियों के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। यह कदम उत्तर पुस्तिकाओं की एकरूपता और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
नई उत्तर पुस्तिकाएं चार अलग-अलग रंगों में होंगी। इसके साथ ही प्रत्येक पृष्ठ पर माध्यमिक शिक्षा परिषद का लोगो और विशेष सुरक्षा चिन्ह अंकित रहेगा, ताकि फर्जी या अवैध उत्तर पुस्तिकाओं के इस्तेमाल की कोई गुंजाइश न रहे।
नकल पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश के 20 परीक्षा केंद्रों पर पहली बार जैमर लगाए जाएंगे। इन जैमर के जरिए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग पर रोक लगाई जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की तैनाती को लेकर विशेष फोकस किया गया है। सभी निरीक्षकों की पहचान पत्र (आईडी) की सख्ती से जांच होगी और बिना वैध पहचान के किसी को भी परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए आगरा समेत कुल 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल, उड़नदस्ते और विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।