उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रदेश के नागरिक गर्व के साथ कहते हैं कि वे उत्तर प्रदेश से हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय घोषणाएं तो बड़ी-बड़ी होती थीं, लेकिन उनका धरातल पर कोई असर नहीं दिखता था। वर्तमान सरकार ने न केवल योजनाओं की घोषणा की, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर प्रदेश की छवि बदलने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। प्रदेश में निवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, यहां “पिक एंड चूज” की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था और स्पष्ट नीतियों के कारण बड़े उद्योगपति प्रदेश में निवेश करने को उत्सुक हैं, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार के समय प्राइमरी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट 6 से 7 प्रतिशत था, जिसे उनकी सरकार ने घटाकर लगभग शून्य से 3 प्रतिशत के स्तर तक ला दिया है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में हर जिले में दो कंपोजिट विद्यालय बनाए जा रहे हैं और आगे चलकर 8000 न्याय पंचायतों में 8000 कंपोजिट विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य है। इन विद्यालयों में 12 से 15 एकड़ क्षेत्र में प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक ही परिसर में उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों पर लगाए जाने वाले आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की रीढ़ हैं और उनके प्रति सम्मान का भाव होना चाहिए। सरकार बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने जा रही है।
सीएम योगी ने कहा कि आज सरकारी योजनाएं डेटा आधारित नीति के तहत संचालित हो रही हैं। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी के नियंत्रण में डेटा की बड़ी भूमिका रही। बेटियों के ड्रॉपआउट रेट को कम करने और योजनाओं के सटीक क्रियान्वयन के लिए स्टेट डेटा अथॉरिटी का गठन किया गया है, जिसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है और 2030 तक 5 गीगावाट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों से भारी-भरकम कार्य कराना अमानवीय है, इसलिए सरकार रोबोटिक्स को बढ़ावा दे रही है। खेतों में ड्रोन के जरिए दवाइयों के छिड़काव से किसानों को कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से बचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि IIT कानपुर के साथ एमओयू कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है और रोबोटिक्स मिशन के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश के 25 लाख युवाओं को मुफ्त एआई टूल्स उपलब्ध कराने की योजना है। रोबोटिक्स, ड्रोन, एआई, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग में युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एआई हब की स्थापना की जाएगी। एआई के माध्यम से किसानों को मौसम की जानकारी, मिट्टी की गुणवत्ता और कीट प्रकोप की पूर्व चेतावनी देने की दिशा में भी कार्य हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 50 प्रतिशत से अधिक शहरीकरण के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रही है। लखनऊ और आसपास के जिलों को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा काशी से विंध्याचल तक चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही, सोनभद्र और मिर्जापुर को जोड़कर एक सिटी इकोनॉमिक जोन विकसित किया जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार जन विश्वास सिद्धांत के अनुरूप लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन को सरल बना रही है। अब व्यवसाय शुरू करने के लिए एक पेज और एक एफिडेविट ही पर्याप्त होगा। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को 53 विभागों में लागू किया जा रहा है और इसके लिए State Transformation Commission को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी शासन, तकनीकी नवाचार, शिक्षा सुधार और निवेश अनुकूल वातावरण के चलते उत्तर प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। आज प्रदेश का नागरिक आत्मविश्वास के साथ कह सकता है कि वह उत्तर प्रदेश से है और यही सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।