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Lucknow: व्यवस्था होगी और अधिक पारदर्शी… फर्जी लाभार्थियों पर लगेगी रोक, फैमिली आईडी से जुड़ीं केंद्र व राज्य की 98 योजनाएं

प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की कुल 98 जनकल्याणकारी योजनाओं को फैमिली आईडी से जोड़ा जा चुका है। इनमें केंद्र सरकार की 13 और उत्तर प्रदेश सरकार की 85 योजनाएं शामिल हैं।

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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Lucknow: व्यवस्था होगी और अधिक पारदर्शी… फर्जी लाभार्थियों पर लगेगी रोक, फैमिली आईडी से जुड़ीं केंद्र व राज्य की 98 योजनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक भी सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे। इसी उद्देश्य से प्रदेश में फैमिली आईडी (एक परिवार-एक पहचान) व्यवस्था को तेजी से लागू किया जा रहा है। इस पहल से न केवल डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली अधिक पारदर्शी हुई है, बल्कि फर्जी और दोहरे लाभार्थियों पर भी प्रभावी रोक लगी है।

98 जनकल्याणकारी योजनाएं फैमिली आईडी से लिंक

प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की कुल 98 जनकल्याणकारी योजनाओं को फैमिली आईडी से जोड़ा जा चुका है। इनमें केंद्र सरकार की 13 और उत्तर प्रदेश सरकार की 85 योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 15.07 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सीधे लाभ मिल रहा है। अब तक फैमिली आईडी पोर्टल पर 44 लाख से अधिक नागरिकों ने आवेदन किया है।

12 अंकों की फैमिली आईडी बनेगी योजनाओं की चाबी

फैमिली आईडी एक 12 अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर है, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों का विवरण दर्ज रहता है। “एक परिवार–एक पहचान” के सिद्धांत पर आधारित यह व्यवस्था पात्रता के अनुसार योजनाओं का स्वतः चयन सुनिश्चित करती है, जिससे गड़बड़ी, दोहराव और अपात्र लाभ पर रोक लगाई जा सके।

भागदौड़ से राहत, समय और धन की बचत

फैमिली आईडी लागू होने के बाद नागरिकों को आय, जाति, निवास जैसे प्रमाण पत्रों के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। एक बार पंजीकरण होने के बाद, विभिन्न योजनाओं के लिए आवश्यक जानकारियां एक ही डाटाबेस से स्वतः उपलब्ध हो जाती हैं। इससे समय, धन और श्रम—तीनों की बचत हो रही है।

राशन कार्ड से वंचित परिवारों को भी मिलेगा लाभ

योगी सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जो परिवार किसी कारणवश राशन कार्ड से वंचित हैं, वे भी फैमिली आईडी के माध्यम से सरकारी योजनाओं से जुड़ सकें। इसके लिए विशेष स्व-पंजीकरण व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे।

आधार और मोबाइल लिंक अनिवार्य

फैमिली आईडी बनवाने के लिए परिवार के सभी सदस्यों का आधार नंबर होना अनिवार्य है। साथ ही आधार का मोबाइल नंबर से लिंक होना जरूरी है, ताकि ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जा सके। यदि किसी लाभार्थी का मोबाइल नंबर बदल गया है, तो उसे आधार से अपडेट कराना आवश्यक होगा।

गरीब और जरूरतमंदों तक सीधी पहुंच

फैमिली आईडी के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि गरीब, किसान, श्रमिक, महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांगजन समय पर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। इस डिजिटल व्यवस्था से सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिली है और शासन-प्रशासन की जवाबदेही भी बढ़ी है।

फैमिली आईडी: एक नजर में

  • फैमिली आईडी आधार आधारित लॉगिन और ई-केवाईसी से स्व-पंजीकरण की सुविधा देती है।

  • लेखपाल (शहरी क्षेत्र) और ग्राम पंचायत अधिकारी (ग्रामीण क्षेत्र) द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है।

  • फैमिली आईडी DigiLocker पर उपलब्ध है और अब तक 19 लाख से अधिक भौतिक कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।

  • यह कार्ड पूरी तरह निःशुल्क है, प्रति कार्ड लगभग 8 रुपये का खर्च सरकार वहन कर रही है।

  • फैमिली आईडी डाटाबेस में 15.7 करोड़ से अधिक नागरिक पंजीकृत हैं।

  • कुल फील्ड सैचुरेशन 70 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

  • योजनाओं से जोड़ने के लिए पांच-स्तरीय तकनीकी प्रक्रिया अपनाई गई है, जिससे लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से पात्र परिवारों तक पहुंच रहा है।

फैमिली आईडी व्यवस्था उत्तर प्रदेश में डिजिटल सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनकर उभर रही है, जिससे सरकार और नागरिकों के बीच भरोसे की डोर और मजबूत हुई है।

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