उत्तर प्रदेश विधानसभा में स्वास्थ्य क्षेत्र पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश का स्वास्थ्य तंत्र अब डिजिटल, सुगम, सुलभ और किफायती मॉडल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में किए गए सुधारों से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है और आम नागरिक को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने सदन में बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई), लखनऊ में देश का पहला अत्याधुनिक क्वार्टरनरी केयर हेल्थ सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में ₹859 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसमें ₹359 करोड़ भवन निर्माण और ₹500 करोड़ अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र सुपर स्पेशलिटी इलाज के साथ-साथ अनुसंधान आधारित होगा और भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, ई-संजीवनी, टेलीमेडिसिन, टेलीरेडियोलॉजी और अन्य डिजिटल हेल्थ सेवाओं को बड़े पैमाने पर लागू किया गया है। इससे दूरदराज़ क्षेत्रों में भी मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। वर्तमान सरकार ने 4,600 नई एंबुलेंस (108 व 102) को नेटवर्क से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक जिले में 5 से 7-8 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस उपलब्ध हैं, जिससे सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक या गंभीर आपात स्थितियों में गोल्डन आवर के भीतर प्रशिक्षित स्टाफ के साथ मरीज को तत्काल इलाज मिल सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन विभाग में 75,000 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। इनमें एएनएम, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी, विशेषज्ञ चिकित्सक और मेडिकल शिक्षक शामिल हैं। इसके साथ ही लगभग 100 अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी उन्नत जांच सुविधाओं का विस्तार किया गया है और मेडिकल कॉलेजों में सीट वृद्धि के साथ नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
सीएम योगी ने बताया कि अयोध्या धाम में 500 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा, जिसमें ट्रॉमा केयर और सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए बजट में अलग से प्रावधान किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 27 मेडिकल कॉलेजों में छात्रावास निर्माण और अन्य आवश्यक अधोसंरचनात्मक कार्यों के लिए भी बजट व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रॉमा सेंटरों के लेवल-2 उन्नयन के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इससे गंभीर दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में बेहतर उपचार संभव होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य क्षेत्र अब केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल प्रबंधन, आपातकालीन सेवाएं, सुपर स्पेशलिटी केयर और मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के साथ एक समग्र और आधुनिक मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर नागरिक को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। एसजीपीजीआई का क्वार्टरनरी केयर सेंटर, एंबुलेंस नेटवर्क का विस्तार और बड़े पैमाने पर नियुक्तियां- ये सभी कदम उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी स्वास्थ्य मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक साबित होंगे।