उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पंकज चौधरी लगातार प्रदेश के दौरे पर हैं। इन दौरों के दौरान उनका जिस तरह से भव्य और अभूतपूर्व स्वागत किया जा रहा है, उसने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। JCB से फूलों की बारिश, हजारों गाड़ियों का काफिला और जगह-जगह स्वागत-इसके पीछे BJP की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी की कुल छह क्षेत्रीय इकाइयां हैं। पंकज चौधरी अब तक इनमें से पांच क्षेत्रीय इकाइयों-अवध, काशी, ब्रज, पश्चिमी यूपी और गोरखपुर—का दौरा कर चुके हैं। अब केवल कानपुर क्षेत्र का दौरा बाकी है। हर क्षेत्र में उनका स्वागत जिस पैमाने पर हुआ, वह पहले किसी भी प्रदेश अध्यक्ष के दौरों में देखने को नहीं मिला।
12 जनवरी को पंकज चौधरी अवध क्षेत्र की बैठक के लिए अयोध्या पहुंचे थे। इस दौरान लखनऊ से अयोध्या (करीब 130 किमी) की दूरी तय करने में उन्हें लगभग 10 घंटे लग गए। रास्ते में 55 से ज्यादा स्थानों पर स्वागत हुआ और धीरे-धीरे उनके काफिले में करीब 12 हजार गाड़ियां जुड़ती चली गईं। यह नजारा पूरी तरह शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गया।
इसी तरह जब पंकज चौधरी गोरखपुर पहुंचे, तो वहां भी 50 से अधिक जगहों पर उनका स्वागत किया गया। कई स्थानों पर BJP कार्यकर्ताओं ने JCB मशीनों से फूलों की बारिश कराई। काशी, ब्रज और पश्चिमी यूपी में भी इसी तरह का भव्य स्वागत देखने को मिला, जिसने प्रदेश की राजनीति में अलग संदेश दिया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंकज चौधरी महाराजगंज से सात बार सांसद रह चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक संगठन में कोई बड़ा पद नहीं मिला था। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी चाहती है कि कार्यकर्ताओं के साथ उनका सीधा जुड़ाव बने। इसी उद्देश्य से यह भव्य स्वागत एक तरह का संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन भी है, जिसमें कार्यकर्ता अपनी ताकत और सक्रियता दिखा रहे हैं।
पंकज चौधरी कुर्मी समाज (OBC वर्ग) से आते हैं। ऐसे में राजनीतिक जानकार मानते हैं कि BJP उनके जरिए OBC वोट बैंक को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसे समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट के तौर पर भी देखा जा रहा है। भव्य स्वागत के जरिए यह संदेश देने की कोशिश है कि BJP में OBC नेतृत्व को मजबूत स्थान दिया जा रहा है।
इन दौरों के दौरान पंकज चौधरी ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों, मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं। इन बैठकों के जरिए 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति, बूथ स्तर की मजबूती और संगठनात्मक ढांचे को धार देने पर फोकस किया जा रहा है। साथ ही, टिकट के दावेदारों द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रों में शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।
कुल मिलाकर पंकज चौधरी का यह भव्य स्वागत केवल औपचारिक सम्मान नहीं, बल्कि BJP की आक्रामक चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी एक ओर संगठन को मजबूत कर रही है, तो दूसरी ओर सामाजिक समीकरणों को साधते हुए 2027 की जंग के लिए माहौल तैयार कर रही है।