सरकार का उद्देश्य कड़ाके की ठंड में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ठंड से बचाव के लिए मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता सर्वोपरि है।
सरकार का उद्देश्य कड़ाके की ठंड में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ठंड से बचाव के लिए मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता सर्वोपरि है।
नवंबर माह में यूपी एसटीएफ ने मौरंग, गिट्टी और बालू से लदे ओवरलोड ट्रकों के संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था।
ट्रैफिक प्रतिबंध और भारी भीड़ को देखते हुए आयोग का अहम फैसला...
प्रदेश के पांच शहरों में बनेंगी 1,024 आवासीय व व्यवसायिक यूनिट...
गंगा एक्सप्रेस-वे, डिफेन्स कॉरिडोर, बीडा, मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क परियोजनाओं की गहन समीक्षा...
राज्यपाल को अधिकारियों-कर्मचारियों ने दीं शुभकामनाएं, सकारात्मक सोच और नए संकल्पों पर दिया जोर...
जल संकट से स्थायी मुक्ति की दिशा में बड़ा कदम, वेस्ट वॉटर बनेगा एडवांस यूपी की ताकत...
लीजबैक और शिफ्टिंग के मामले 4 श्रेणियों में बांटकर होगा निस्तारण...
‘निवेश मित्र 3.0’ को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) से पूरी तरह एकीकृत हो। इससे केंद्र और राज्य स्तर की सभी आवश्यक अनुमतियां, स्वीकृतियां और सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
योगी सरकार की 10 बड़ी सौगातों से विकास को मिलेगी रफ्तार...
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर पुरुष अभ्यर्थियों की आयु सीमा बढ़ाने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार की लचर और दोषपूर्ण भर्ती व्यवस्था का परिणाम है, जिसकी कीमत बेरोजगार युवाओं को नहीं चुकानी चाहिए...
अब तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी इलाकों में सबसे अधिक वोट कटे हैं। प्रदेश स्तर पर औसतन 18.7 प्रतिशत मतदाता असंग्रहणीय (Uncollectable) पाए गए हैं, जबकि टॉप-10 जिलों में यह औसत 25.23 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
“पहले जय श्रीराम बोलने पर लाठी चलती थी। 2017 से पहले न यहां सुरक्षा थी, न बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था। अयोध्या उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार थी।”
मकर संक्रांति के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल पर मंथन...
प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, SIR प्रक्रिया के दौरान उत्तर प्रदेश में करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं, जो कुल मतदाता सूची का लगभग 18.7 प्रतिशत है।