बांके बिहारी मंदिर में भोग निर्माण की जिम्मेदारी उस हलवाई को दी गई थी, जिसकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी के अंतर्गत की गई थी। समिति ने मंदिर की व्यवस्था सुधारने और भोग-प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह प्रणाली लागू की थी।
