सभी स्टाफ को प्रतिदिन बायोमेट्रिक मशीन पर उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यह नियम मेडिकल अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा।
सभी स्टाफ को प्रतिदिन बायोमेट्रिक मशीन पर उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यह नियम मेडिकल अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा।
लीवर, किडनी, हार्ट समेत अन्य गंभीर बीमारियों के लिए अब प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद लोगों को निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। इसके लिए योगी सरकार डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के साथ-साथ उनके घर के करीब प्राइमरी हेल्थ सेंटर में स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की तैनाती करने जा रही है। इसका लाभ सीधे-सीधे उन मरीजों को मिलेगा, जो गंभीर बीमारी में पैसों की तंगी की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं।
यूपी के योगी सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के, योगी सरकार के प्रयास का ही नतीजा है कि प्रदेश की 35 और स्वास्थ्य इकाइयों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS)सर्टिफिकेट मिला है। इसके साथ ही प्रदेश में एनक्वास प्रमाणित स्वास्थ्य इकाइयों की संख्या बढ़कर 217 पहुंच गई है।
Health News: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से सरकारी अस्पताल बेलगाम होते नजर आ रहे हैं। तमाम सुविधाओं के बावजूद भी मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। वहीं बहराइच के मेडिकल कॉलेज से एक शर्मसार कर देने वाला वीडियो सामने आया है। हालत ये है कि परिजनों को स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हो रहा है। इसलिए परिजन अपने मरीज को इलाज के लिए कंधे में लेकर
आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित होते मौसम के चलते मरीजों की संख्या में वृद्धि देखने को मिल रही है जिसमें सबसे ज्यादा स्किन से जुड़े मरीजों की संख्या है। जिससे सोराइसिस (त्वचा में होने वाला रोग) के मरीजों की परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है। जहाँ सामान्य दिनों में मरीजों की संख्या करीब 300 के करीब होती थी, वहीं इस मौसम में इस रोग से संबंधित मरीजों