गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर की शोभायात्रा के दौरान मुख्य द्वार के पास एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए जुलूस कुछ देर रोक दिया गया। श्रद्धालुओं के सहयोग से रास्ता खाली कराया गया और एंबुलेंस को सुरक्षित आगे जाने दिया गया। इस पहल ने मानवता और आपातकालीन सेवाओं के प्रति संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।
