मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भौतिक विकास ही जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। सार्थक विकास वही है जो हमारी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़े।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भौतिक विकास ही जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। सार्थक विकास वही है जो हमारी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़े।