अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि यह डील केवल कृषि और मजदूरी ही नहीं, बल्कि हर प्रकार के पैदावार, उद्योग और रोजगार के खिलाफ है। उन्होंने इसे “अदृश्य जंजीर” करार देते हुए आरोप लगाया कि पैसे के लालच में डूबे बिचौलियों की मानसिकता वाले कुछ लोग इसके वास्तविक प्रभाव को नहीं देख पा रहे हैं।
