मान्यता है कि माघ मास में सभी देवी-देवता प्रयागराज में वास करते हैं, इसलिए पौष पूर्णिमा से कल्पवास की परंपरा प्रारंभ होती है।
मान्यता है कि माघ मास में सभी देवी-देवता प्रयागराज में वास करते हैं, इसलिए पौष पूर्णिमा से कल्पवास की परंपरा प्रारंभ होती है।