नोएडा प्राधिकरण का यह फैसला 24 नवंबर 2025 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिन परियोजनाओं ने भवन निर्माण नियमों और बकाया भुगतान की शर्तें पूरी कर ली हैं, उन्हें सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी किया जाए और रजिस्ट्रियों की अनुमति दी जाए।
