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UP News: फर्जी नियुक्तियों पर रोक लगाने की सख्त पहल, आउटसोर्सिंग नियुक्तियों के लिए स्पष्ट शासनादेश जारी करने के निर्देश

राज्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाने वाली सभी नियुक्तियां पूरी तरह निर्धारित नियमों, मानकों और प्रक्रियाओं के अनुरूप हों।

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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UP News: फर्जी नियुक्तियों पर रोक लगाने की सख्त पहल, आउटसोर्सिंग नियुक्तियों के लिए स्पष्ट शासनादेश जारी करने के निर्देश

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत कुछ कोर्स कोऑर्डिनेटरों द्वारा फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त किए जाने के मामले सामने आने के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए समाज कल्याण विभाग में आउटसोर्सिंग से जुड़ी नियुक्तियों को लेकर स्पष्ट और सख्त शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए हैं।

नियमों के अनुरूप होंगी सभी आउटसोर्सिंग नियुक्तियां

राज्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाने वाली सभी नियुक्तियां पूरी तरह निर्धारित नियमों, मानकों और प्रक्रियाओं के अनुरूप हों। शासनादेश के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्तर पर मनमानी या अपारदर्शी प्रक्रिया को बढ़ावा न मिले।

डॉक्यूमेंट्स और पुलिस वेरिफिकेशन होगा अनिवार्य

प्रस्तावित शासनादेश में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्त प्रत्येक कर्मचारी के शैक्षिक एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच अनिवार्य होगी। इसके साथ ही सभी कार्मिकों का पुलिस वेरिफिकेशन भी अनिवार्य रूप से कराया जाएगा, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बन सके।

तीन महीने में मौजूदा कर्मियों की जांच

राज्यमंत्री असीम अरुण ने यह भी निर्देश दिए हैं कि वर्तमान में समाज कल्याण विभाग में कार्यरत सभी आउटसोर्सिंग कर्मियों के दस्तावेजों की जांच अगले तीन महीने के भीतर पूरी की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभाग में कार्यरत किसी भी व्यक्ति की नियुक्ति में कोई गड़बड़ी या अनियमितता न हो।

अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई

राज्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज कल्याण विभाग में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जाएगी। आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली सभी नियुक्तियां पारदर्शी और नियमों के अनुसार होंगी। जहां भी अनियमितता पाए जाने के प्रमाण मिलेंगे, वहां जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम न केवल मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की विश्वसनीयता को मजबूत करेगा, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगा।

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