उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों द्वारा आय-व्यय एवं संपत्ति विवरण दाखिल न करने पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने स्पष्ट आदेशों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध अगली कार्रवाई शुरू करने के निर्देश देते हुए शासनादेश सभी विभागाध्यक्षों को जारी कर दिया है।
योगी सरकार ने सभी राज्य कर्मचारियों को 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण अपलोड करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने तय समयसीमा तक जानकारी अपडेट नहीं की। ऐसे 47,816 कर्मचारियों का वेतन रोकने के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन आहरण-वितरण अधिकारियों (DDO) ने संपत्ति विवरण न देने वाले कर्मचारियों का फरवरी माह का वेतन जारी किया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अधिकारियों की सूची एक सप्ताह के भीतर विभागाध्यक्षों से मांगी गई है।
प्रदेश में कुल 8,66,261 राज्य कर्मचारी हैं। इनमें से 68,236 कर्मचारियों ने निर्धारित समयसीमा तक अपनी आय-व्यय से संबंधित वार्षिक जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर अपडेट नहीं की। शासन स्तर पर इसकी सख्त मॉनिटरिंग की जा रही है।
सरकार ने दो टूक कहा है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अनिवार्य है। आय-व्यय एवं संपत्ति विवरण दाखिल करना प्रत्येक कर्मचारी का दायित्व है और इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।