मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2026-27 के बजट को उत्तर प्रदेश के “अनलिमिटेड पोटेंशियल” का प्रतीक बताया है। विधानसभा सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीते नौ वर्षों में प्रदेश ने न केवल अपना परसेप्शन बदला है, बल्कि आर्थिक, औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने बताया कि 9,12,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तुत किया गया है, जो पिछले नौ वर्षों में तीन गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाता है। बजट की थीम – सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम – तकनीकी निवेश और समावेशी विकास पर आधारित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया। इसके बावजूद कुशल वित्तीय प्रबंधन, कर चोरी पर रोक और लीकेज नियंत्रण के माध्यम से उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकालकर देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य आज रेवेन्यू सरप्लस स्थिति में है। वर्ष 2017 में राज्य की ऋणग्रस्तता 30 प्रतिशत से अधिक थी, जिसे घटाकर 27 प्रतिशत तक लाया गया और अब इसे 23 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के मानकों के अनुसार किसी राज्य की जीएसडीपी पर 30 प्रतिशत से अधिक ऋण नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश वित्तीय अनुशासन के तहत एफआरबीएम सीमा में रहकर विकास कर रहा है।
बजट में 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की राशि नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित की गई है। वहीं 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए किया गया है। कैपिटल निवेश के जरिए बुनियादी ढांचे का निर्माण, परिसंपत्तियों का सृजन और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही वास्तविक आर्थिक विकास का आधार है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में स्टेट डेटा अथॉरिटी का गठन किया जाएगा। इससे रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। मेडटेक और डीपटेक क्षेत्रों के लिए एआई मिशन की शुरुआत की जाएगी, जिससे युवाओं को नई तकनीकी नौकरियों के अवसर मिलेंगे। सरकार ने स्किल डेवलपमेंट की विशेष योजना भी बजट में शामिल की है, ताकि युवा आधुनिक तकनीकों में दक्ष बन सकें।
स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से महिलाओं की उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। उनके उत्पादों की मार्केटिंग के लिए “शी-मार्ट” विपणन केंद्र विकसित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं को बाजार और ब्रांडिंग का बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि को आय आधारित और वैल्यू एडिशन मॉडल से जोड़ा जाएगा। प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल का विद्युतीकरण किया जा चुका है और 23 लाख डीजल ट्यूबवेल को सोलर से जोड़ने की योजना है। इसे PM Kusum Yojana से जोड़ा जाएगा। अनुसूचित जाति-जनजाति, महिला और लघु सीमांत किसानों को 90% तक अनुदान तथा अन्य किसानों को 80% सब्सिडी दी जाएगी। NABARD के सहयोग से एफपीओ के लिए रिवॉल्विंग फंड की व्यवस्था की गई है। किसानों के उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए Noida International Airport को एग्री एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

बजट में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। वेयरहाउस निर्माण के लिए विशेष सब्सिडी दी जाएगी। पशुधन बीमा योजना के तहत 85% तक प्रीमियम सरकार देगी। मछुआरों के लिए आधुनिक होलसेल फिश मंडी और फिश प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। वर्ल्ड फिश प्रोजेक्ट सेंटर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की योजना है।
गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र तक विस्तारित करने की घोषणा की गई है। इसे मेरठ-हरिद्वार तक ले जाने की भी योजना है। पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदेश में बायोफ्यूल प्लास्टिक संस्थान और एफडीआई फॉर्च्यून 500 कंपनियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
हर जिले में एक बड़े स्किल डेवलपमेंट केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिसे हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लायमेंट जोन की स्थापना की जाएगी, जहां 50 से 100 एकड़ क्षेत्र में स्किल प्रोग्राम संचालित होंगे। वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन योजना के जरिए स्थानीय खाद्य उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रमोशन को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या के आधार पर बड़ा राज्य नहीं, बल्कि आर्थिक क्षमता, निवेश आकर्षण और तकनीकी विकास के आधार पर देश की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। बिना नया टैक्स लगाए, वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए और टेक्नोलॉजी आधारित विकास मॉडल अपनाकर प्रदेश ने “अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट” के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित की है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मजबूत आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में एक व्यापक रोडमैप के रूप में प्रस्तुत किया गया है।