‘सिद्धार्थनगर महोत्सव 2026’ के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन विकास, विरासत और जनकल्याण के संकल्पों पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर आज नई पहचान की ओर बढ़ रहा है, जहां परंपरा और प्रगति साथ-साथ आगे बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थनगर जनपद को ₹1052 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें ₹373.11 करोड़ की लागत से पूरी हुई 138 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा ₹678.79 करोड़ की लागत वाली 91 नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निवेश जनपद को सशक्त, आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिद्धार्थनगर को भगवान बुद्ध की पावन धरा बताते हुए नमन किया। उन्होंने कहा कि यही कपिलवस्तु है, जहां से राजकुमार सिद्धार्थ ने पूरी दुनिया को शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने “बुद्धम शरणम गच्छामि” का उल्लेख करते हुए सकारात्मक ऊर्जा, संगठन और सामाजिक समरसता की शक्ति पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अभिशाप रही इंसेफेलाइटिस (जापानी बुखार) की बीमारी को डबल इंजन सरकार ने समाप्त कर दिया है। अब इस क्षेत्र में कोई बच्चा इस बीमारी से जान नहीं गंवाता। उन्होंने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां अब नर्सिंग कॉलेज और महिला छात्रावास की सुविधाएं भी प्रारंभ की जा रही हैं, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना के अंतर्गत काला नमक चावल को “बुद्ध का प्रसाद” बताते हुए कहा कि इसकी अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग और निर्यात से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि सिद्धार्थनगर आज प्रदेश में मत्स्य उत्पादन में अग्रणी है और उत्तर प्रदेश के कुल मत्स्य उत्पादन का लगभग 20 प्रतिशत यहीं से होता है। महिला उद्यमियों, विशेषकर मत्स्य पालन से जुड़ी महिलाओं की सफलता को उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की मिसाल बताया।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर बांसी, डुमरियागंज और इटवा से होकर गुजरते हुए विकास के नए द्वार खोलेगा। इसके साथ ही खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन का लगभग 80 किलोमीटर हिस्सा सिद्धार्थनगर से होकर गुजरेगा। नेपाल सीमा और अन्य राज्यों से बेहतर संपर्क के लिए फोर-लेन सड़कों का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग-गरीब, महिला, युवा और अन्नदाता-के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। राशन, आवास, शौचालय और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को उन्होंने राम राज्य की अवधारणा का आधुनिक स्वरूप बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उपद्रव से उत्सव की ओर बढ़ चुका है और सिद्धार्थनगर इस बदलाव का सशक्त उदाहरण बन रहा है।