लखनऊ में आज मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित आधुनिकीकरण कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन योजना (Modernization of Command Area Development and Water Management – MCADWM) के अंतर्गत चयनित क्लस्टरों की द्वितीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति, समय-सीमा और क्रियान्वयन की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना में विलंब की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि योजना के लक्ष्यों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि योजना का लाभ अधिकतम संख्या में कृषकों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए, जिससे जल उपयोग की दक्षता बढ़े, सिंचाई सुविधाओं का बेहतर दोहन हो और कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न कन्वर्जेंस विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि विभागीय तालमेल से ही परियोजनाओं की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार संभव है।

एमसीएडीडब्ल्यूएम योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की एक उप-योजना है। इसका उद्देश्य कमांड क्षेत्रों में आधुनिक सिंचाई प्रणालियों-जैसे भूमिगत दबावयुक्त पाइप्ड सिंचाई, SCADA एवं IoT आधारित जल प्रबंधन-के माध्यम से जल संसाधनों का कुशल उपयोग, जल संरक्षण और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
समीक्षा बैठक में सचिव सिंचाई, विशेष सचिव सिंचाई, निदेशक कृषि, नोडल अधिकारी-PDMC, नोडल अधिकारी-MCADWM सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। बैठक में प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर आगामी कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनी।