उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के फरवरी माह तक की कर एवं करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि राजस्व में वृद्धि प्रदेश में बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति प्रदान करती है।
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर-राजस्व का कुल लक्ष्य 2.95 लाख करोड़ रुपये निर्धारित है, जिसके सापेक्ष फरवरी 2026 तक 1,96,177 करोड़ रुपये की प्राप्ति दर्ज की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसे विभागों की समन्वित और तकनीक-आधारित कार्यप्रणाली का सकारात्मक परिणाम बताया।
राज्य कर विभाग ने बताया कि GST और VAT से अब तक 1,03,770 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है। इसमें GST से 75,195 करोड़ रुपये और VAT से 28,575 करोड़ रुपये की प्राप्ति शामिल है। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि GST 2.0, AI आधारित जोखिम विश्लेषण, बड़े पैमाने पर स्क्रूटनी, ई-इनवॉइसिंग और ई-वे बिल की सख्त निगरानी से कर अनुपालन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। AI आधारित जांच के जरिए 1.59 लाख करदाताओं की समीक्षा कर 3,117 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
आबकारी विभाग ने बताया कि विभाग का वार्षिक लक्ष्य 63,000 करोड़ रुपये है, जिसके सापेक्ष फरवरी 2026 तक 48,501 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.2 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री ने होली पर्व के दृष्टिगत अवैध और जहरीली शराब के उत्पादन एवं बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग ने फरवरी तक 29,487 करोड़ रुपये की प्राप्ति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन और रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। यीडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, गोरखपुर और वाराणसी में आगामी परियोजनाओं से राजस्व बढ़ने की संभावना जताई गई।
परिवहन विभाग ने फरवरी तक 11,005 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जबकि खनन विभाग ने 6,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 3,597 करोड़ रुपये की प्राप्ति की।
भू-राजस्व और ऊर्जा विभागों ने संयुक्त रूप से 3,414 करोड़ रुपये की उपलब्धि दर्ज की, जो पिछले वर्ष से 12.6 प्रतिशत अधिक है। खनन क्षेत्रों में डिजिटल मैपिंग, GPS ट्रैकिंग और अंतरराज्यीय समन्वय से राजस्व संग्रह को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे टीम भावना, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व, दक्षता और नवाचार-आधारित कार्यप्रणाली के साथ राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयास और तेज करें। उन्होंने कहा कि मजबूत राजस्व व्यवस्था ही उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।