गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2026) को लेकर गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को 32 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभागार में अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रियंका की अध्यक्षता में सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक हुई। इसमें परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। एडीएम ने सभी अधिकारियों को आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार समय रहते व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और सभी अधिकारी अपनी ड्यूटी पर समय से पहुंचें।
प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की जांच करने और किसी भी कमी को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। अभ्यर्थियों की प्रवेश द्वार पर जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर विशेष निगरानी रखने को भी कहा गया है, ताकि कोई प्रतिबंधित गैजेट परीक्षा कक्ष तक न पहुंच सके।

जिले में परीक्षा निर्धारित तिथियों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी। समय-सारणी इस प्रकार है:
प्रशासन ने केंद्र व्यवस्थापकों और संबंधित अधिकारियों को परीक्षा संचालन से जुड़े सभी नियमों का पालन करने तथा अभ्यर्थियों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने आयोग के दिशा-निर्देशों और परीक्षा संचालन से जुड़े नियमों की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जिम्मेदारियां निभाने को कहा। बैठक में डिप्टी कलेक्टर अरुण कुमार, डॉ. पूर्वा शर्मा, प्रभारी जिला विकास अधिकारी नेहा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी निलेश उत्पल सहित सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक अधिकारी और प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन का लक्ष्य PET-2026 को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है, ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।