प्रयागराज में चल रहे माघ मेले ने इस बार आस्था और व्यवस्था—दोनों के नए मानक स्थापित किए हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद माघ मेले के पहले 10 दिनों में 1.25 करोड़ से अधिक भक्तों, कल्पवासियों और संतों ने पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान कर अटूट श्रद्धा का परिचय दिया है। राज्य सरकार को इस बार माघ मेले में 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
संगम तट की सुरक्षा और करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना मेला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। इस चुनौती को संभालने में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) अहम भूमिका निभा रहा है। ICCC न केवल भीड़ नियंत्रण में मदद कर रहा है, बल्कि अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम के जरिए पूरे मेला क्षेत्र और शहर पर पैनी नजर रख रहा है।
माघ मेले के पहले ही दिन ICCC की उपयोगिता सामने आ गई, जब पौष पूर्णिमा के स्नान पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम पहुंचे। योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए बताया कि जहां अनुमान 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं का था, वहीं वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक रही। इसके बावजूद स्नान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा।
त्रिवेणी संगम ‘हर-हर गंगे’ के नारों और शंखध्वनि से गूंज उठा। श्रद्धालु बिना रुके पवित्र जल में डुबकी लगाते रहे। मेला प्रशासन ने स्वच्छता, परिवहन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए मुख्य उद्देश्य पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठान ही रहे।
माघ मेले में आने वाले दिनों में 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, माघ पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान पर्व आयोजित होंगे। खासकर मौनी अमावस्या को सबसे अधिक भीड़ आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात प्रबंधन और सख्त किया गया है।
SP (माघ मेला) नीरज पांडे ने बताया कि पूरे प्रयागराज में 1,552 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 400 कैमरे केवल मेला क्षेत्र में हैं। ये कैमरे सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और अपराध रोकथाम में मदद कर रहे हैं। AI-सक्षम कैमरों के जरिए रियल-टाइम डेटा मिल रहा है, जिससे पुलिस यह समझ पा रही है कि भीड़ कहां बढ़ रही है और उसे किस दिशा में मोड़ना है।
कैमरे केवल भीड़ नियंत्रण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि फायर सर्विलांस में भी मदद कर रहे हैं। धुआं या आग की हल्की-सी आशंका पर भी तुरंत कार्रवाई की जा सकती है। पार्किंग एरिया की लाइव मॉनिटरिंग से यह पता चलता है कि कौन-सी पार्किंग भरी है और कहां वाहन भेजे जाएं, जिससे श्रद्धालुओं को कम से कम पैदल चलना पड़े।
प्रयागराज को जोड़ने वाले सात प्रमुख मार्गों को ध्यान में रखते हुए पार्किंग और ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। इससे बाहरी शहरों से आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी हुई है।
माघ मेले में आस्था और आधुनिक तकनीक का यह समन्वय श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित कर रहा है। ICCC और AI कैमरों की मदद से प्रशासन न केवल वर्तमान भीड़ को संभाल रहा है, बल्कि आगामी बड़े स्नान पर्वों के लिए भी पूरी तरह तैयार दिखाई दे रहा है।