प्रगति पोर्टल को लेकर मीडिया को जानकारी देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, सामाजिक योजनाओं और सिस्टम रिफॉर्म के क्षेत्र में टीम इंडिया के दृष्टिकोण को प्रगति पोर्टल के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ किया गया है। यह पोर्टल इस बात का सशक्त उदाहरण है कि “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” की अवधारणा को व्यवहारिक रूप में कैसे लागू किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से देशभर में लगभग 86 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को गति मिली है। इनमें से 377 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा सीधे नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर की जाती है। उन्होंने कहा कि 3,162 में से 2,958 मुद्दों का समाधान किया जा चुका है। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि देश की गवर्नेंस क्रेडिबिलिटी का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स वर्तमान में उत्तर प्रदेश में संचालित हो रहे हैं, जो राज्य की विकास क्षमता और मजबूत प्रशासनिक निगरानी को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस-वे राज्य के रूप में स्थापित करने में सफलता मिली है। राज्य में रेलवे का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है, देश की पहली रैपिड रेल सेवा उत्तर प्रदेश में शुरू हुई है और देश का पहला रोपवे प्रोजेक्ट भी यहीं निर्माणाधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से इसलिए पूरी हो सकीं, क्योंकि इनकी नियमित और प्रभावी समीक्षा प्रगति पोर्टल के माध्यम से की गई।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में 4 लाख 19 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले 65 बड़े प्रोजेक्ट प्रगति पोर्टल के अंतर्गत शामिल हैं। इनमें से 26 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 39 परियोजनाएं निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। राजस्व, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर विकास सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों का एकीकृत समन्वय कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने टीम इंडिया स्पिरिट को और अधिक प्रभावी बनाया है। जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करती हैं, तो परिणाम भी उतने ही सकारात्मक सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन को प्रगति पोर्टल के माध्यम से आगे बढ़ाने में राज्य को प्रभावी सहयोग मिला है। अब प्रशासन में समस्या पर चर्चा नहीं, बल्कि समाधान पर चर्चा होती है, जो सुशासन की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।