1. हिन्दी समाचार
  2. नोएडा
  3. नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के बायर्स को राहत, SC के आदेश के अनुपालन में प्राधिकरण ने हटाई रोक, अब अप्रूव होंगे नक्शे

नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के बायर्स को राहत, SC के आदेश के अनुपालन में प्राधिकरण ने हटाई रोक, अब अप्रूव होंगे नक्शे

नोएडा प्राधिकरण का यह फैसला 24 नवंबर 2025 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिन परियोजनाओं ने भवन निर्माण नियमों और बकाया भुगतान की शर्तें पूरी कर ली हैं, उन्हें सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी किया जाए और रजिस्ट्रियों की अनुमति दी जाए।

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
Updated:
नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के बायर्स को राहत, SC के आदेश के अनुपालन में प्राधिकरण ने हटाई रोक, अब अप्रूव होंगे नक्शे

नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के हजारों होम बायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। नोएडा प्राधिकरण ने स्पोर्ट्स सिटी एससी-02, सेक्टर-150 नोएडा पर लगी रोक को हटा लिया है। यह निर्णय प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में लिया गया। इस फैसले से 10 हजार से अधिक बायर्स को सीधा लाभ मिलेगा।

अब रजिस्ट्री, नक्शा अप्रूवल और निर्माण कार्य का रास्ता साफ

रोक हटने के साथ ही अब होम बायर्स के लिए फ्लैटों की रजिस्ट्री संभव हो सकेगी, परियोजनाओं के नक्शे अप्रूव किए जाएंगे, और लंबे समय से रुका हुआ निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो सकेगा। गौरतलब है कि यह रोक जनवरी 2021 में प्राधिकरण की 201वीं बोर्ड बैठक के दौरान लगाई गई थी, जिसके चलते बायर्स बीते पांच वर्षों से असमंजस में थे।

सुप्रीम कोर्ट के 24 नवंबर 2025 के आदेश का असर

नोएडा प्राधिकरण का यह फैसला 24 नवंबर 2025 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिन परियोजनाओं ने भवन निर्माण नियमों और बकाया भुगतान की शर्तें पूरी कर ली हैं, उन्हें सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी किया जाए और रजिस्ट्रियों की अनुमति दी जाए। हालांकि, शर्त के अनुसार डेवलपर को 70 प्रतिशत हिस्से में स्पोर्ट्स एक्टिविटी विकसित करना अनिवार्य होगा।

लोटस ग्रीन्स सहित हजारों बायर्स को बड़ी राहत

इस निर्णय से सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में लोटस ग्रीन्स समेत उससे जुड़े हजारों होम बायर्स को बड़ी राहत मिली है। ये खरीदार पिछले कई वर्षों से अपने फ्लैट की रजिस्ट्री और कब्जे का इंतजार कर रहे थे। बायर्स का कहना है कि वे लंबे समय से मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबाव में थे-एक तरफ बैंक की ईएमआई, तो दूसरी ओर किराए के मकानों में रहना पड़ रहा था।

एक परियोजना को जारी हुआ सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट

नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े अधिकांश पुराने विवादों का समाधान कर लिया गया है। एक परियोजना को सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया है, जिसने अपने सभी बकाया का भुगतान पूरा कर लिया है। इसके साथ ही संशोधित मास्टर प्लान को मंजूरी देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पूरी तरह लागू किया जा सके।

गोदरेज प्रोजेक्ट की होम बायर ने जताई खुशी

गोदरेज प्रोजेक्ट की होम बायर मिसेज अरुणा ने कहा, “यह किसी सपने के पूरे होने जैसा है। अब हमें उम्मीद है कि जल्द ही स्पोर्ट्स सिटी में वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अपने घरों में रह सकेंगे। हम सभी होम बायर्स नोएडा प्राधिकरण के आभारी हैं, जिन्होंने हमारी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और समाधान के लिए लगातार प्रयास किए।”

40 हजार से ज्यादा बायर्स को मिलेगा लाभ

स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में टाटा प्रोजेक्ट्स, गोदरेज प्रॉपर्टीज, प्रेस्टीज ग्रुप, काउंटी ग्रुप, लोटस ग्रीन्स और एल्डेको जैसे नामी बिल्डर्स शामिल हैं। करीब 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली इस परियोजना से लगभग 40 हजार परिवार प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित थे। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से नोएडा के रियल एस्टेट बाजार में भी सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नोएडा प्राधिकरण का यह कदम स्पोर्ट्स सिटी बायर्स के लिए उम्मीद और राहत लेकर आया है। अब वर्षों से अटकी रजिस्ट्री, निर्माण और कब्जे की प्रक्रिया के आगे बढ़ने से हजारों परिवारों का सपना पूरा होने की राह खुल गई है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें गूगल न्यूज़, फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...