अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामलों को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। कार्य में लापरवाही और शिथिल पर्यवेक्षण पाए जाने पर प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर वर्क सर्किल-06 से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।
प्राधिकरण द्वारा वर्क सर्किल-06 के प्रबंधक अब्दुल शाहिद को अवैध निर्माण रोकने में प्रभावी पर्यवेक्षण न करने और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा सहायक प्रबंधक विनीत कुमार शर्मा की प्रतिनियुक्ति की समय-सीमा पूरी होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से अवमुक्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई अवैध निर्माण पर समय रहते प्रभावी नियंत्रण न कर पाने के चलते की गई है।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। यदि किसी क्षेत्र में अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
प्राधिकरण की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में 2,15,912 वर्ग मीटर, वर्ष 2025-26 में 23,93,158 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इस भूमि की अनुमानित बाजार कीमत करीब 2745 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही अवैध निर्माण और अतिक्रमण से जुड़े मामलों में लगभग 25 एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी हैं।
वर्तमान में नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में 174 अतिक्रमणकर्ताओं के खिलाफ 527 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। प्राधिकरण ने विशेष टीमों का गठन कर लिया है और बड़े स्तर पर अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण अभियान चलाने की योजना पर काम किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में शहर में व्यापक कार्रवाई देखने को मिलेगी।