नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक शनिवार को प्राधिकरण सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास आयुक्त एवं नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार ने की।
इस दौरान नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी लोकेश एम., राकेश कुमार सिंह, सुनिल कुमार सिंह उपस्थित रहे। बैठक में आवासीय योजनाओं, ड्रेनेज सुधार, सिटी लॉजिस्टिक प्लान, यूनिफाइड रेगुलेशंस 2025 और लंबे समय से रुकी रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आवासीय समितियों को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर बने फ्लैट्स में “सब्सीक्वेंट मेंबर” के नाम एनओसी और त्रिपक्षीय उपपट्टा पंजीकरण से जुड़ी आ रही समस्याओं के समाधान हेतु एक 8 सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति संबंधित अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करेगी और फ्लैट खरीदारों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करेगी।

प्राधिकरण क्षेत्र में विभिन्न ड्रेनों के सुधार, शोधन और पर्यावरणीय मानकों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों से “एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI)” आमंत्रित करने को स्वीकृति दी गई। इसके तहत ड्रेनों के समीप स्थल की उपलब्धता, लागत प्रभावशीलता और दीर्घकालिक संचालन व अनुरक्षण को ध्यान में रखते हुए आधुनिक शोधन प्रणाली लागू की जाएगी।
नोएडा की आवासीय भूखंड योजना 2011 (किसान श्रेणी) के अंतर्गत यथा संसोधित 2016 के अंतर्गत वर्ष 2021 में आवंटित 644 भूखंडों के अतिरिक्त बचे भूखंडों के आवंटन के लिए शेष आवेदकों के बीच ड्रॉ कराने का फैसला लिया गया। इसके लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों की समिति गठित कर कार्यवाही कराने को बोर्ड ने मंजूरी दी।
शहर में ट्रैफिक प्रबंधन और लॉजिस्टिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (नई दिल्ली) अथवा आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रस्तुतीकरण लेकर एक उपयुक्त सलाहकार संस्था के चयन को बोर्ड ने अनुमोदन प्रदान किया।
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना (सेक्टर-150, नोएडा) से जुड़े मामलों में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन की समीक्षा की गई। एससी-02 भूखंड से संबंधित शर्तों सहित अधिभोग प्रमाण पत्र जारी किए जाने को बोर्ड ने अवगत कराया और आगे की कार्यवाही शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए।

बोर्ड बैठक में यूनिफाइड रेगुलेशंस 2025 के वाणिज्यिक, संस्थागत और औद्योगिक प्रावधानों से जुड़े कुछ बिंदुओं में आंशिक संशोधन को स्वीकृति दी गई, जिससे भविष्य में विकास कार्यों को और सरल व पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
बैठक में लंबे समय से रुकी रियल एस्टेट परियोजनाओं (लिगेसी स्टॉल्ड प्रोजेक्ट्स) की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। शासनादेश के अंतर्गत चिन्हित 57 परियोजनाओं में से 31 दिसंबर 2025 तक 36 परियोजनाओं को लाभ मिल चुका है, जो कुल परियोजनाओं का लगभग 60 प्रतिशत है। अब तक करीब 872.12 करोड़ रुपये की धनराशि प्राधिकरण में जमा कराई गई है।
इन परियोजनाओं से जुड़े लगभग 6855 फ्लैट खरीदारों को राहत मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिनमें से 4134 फ्लैट्स की रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है। बोर्ड ने शेष फ्लैट्स की रजिस्ट्री प्रक्रिया भी तेज़ करने के निर्देश दिए।
221वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि नोएडा प्राधिकरण आवास, आधारभूत ढांचे, पर्यावरण संरक्षण और फ्लैट खरीदारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी और नियोजित शहरी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।