मौनी अमावस्या के अवसर पर माघ मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन और यातायात पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। अनुमान है कि इस पर्व पर साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए आज रात 12 बजे से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। यातायात पुलिस ने मौनी अमावस्या को लेकर रूट डायवर्जन प्लान जारी कर दिया है, जो सोमवार दोपहर 12 बजे तक प्रभावी रहेगा।
यातायात पुलिस के अनुसार, प्रयागराज की सीमाओं पर भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री लागू रहेगी। केवल मेला से संबंधित वाहनों को ही शहर में प्रवेश मिलेगा, जबकि अन्य भारी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा। इससे मेला क्षेत्र और संगम मार्गों पर यातायात का दबाव कम रखने में मदद मिलेगी।
दिल्ली से आने वाले भारी वाहनों को कानपुर-कल्याणपुर (फतेहपुर) क्षेत्र में बक्सर मोड़, बक्सर गंगापुल-चंद्रिका देवी मंदिर, लालगंज (रायबरेली), गुरुबक्शगंज-ढ़किया चौराहा, मुंशीगंज-भदोखर-सलोन रोड, प्रतापगढ़, रानीगंज, मुंगरा बादशाहपुर, मछलीशहर, जौनपुर, जलालपुर, फूलपुर होते हुए बाबतपुर एयरपोर्ट-हरहुआ से रिंग रोड वाराणसी की ओर भेजा जाएगा। वापसी भी इसी मार्ग से होगी।
बांदा व रीवा की ओर जाने वाले वाहन चौडगरा-बिंदकी-बंधवा तिराहा-ललौली–चिल्ला होते हुए भेजे जाएंगे। लखनऊ-रायबरेली-प्रतापगढ़-वाराणसी जाने वाले वाहन डलमऊ-ऊंचाहार-सलोन-लालगंज-भूपियामऊ-रानीगंज-मुंगरा बादशाहपुर-जौनपुर मार्ग से जाएंगे। कौशाम्बी-कोखराज से आने वाले वाहन नवाबगंज, सोरांव, हंडिया, औराई बाईपास होते हुए वाराणसी में प्रवेश करेंगे।
मेला अवधि में मंदर मोड़, पूरामुफ्ती गेट, बमरौली चौकी, सहसों चौराहा, हबूसा मोड़, सोरांव बाईपास, नवाबगंज बाईपास, मलाक हरहर चौराहा, टीपी नगर तिराहा, रामपुर चौराहा, गौहनिया घूरपुर और गोमती नंबर-40 से भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
मौनी अमावस्या पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मेला प्रशासन ने एक अतिरिक्त स्नान घाट ‘काली पार्ट-दो’ का विस्तार किया है। लखनऊ और अयोध्या की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नागवासुकि क्षेत्र में स्नान की व्यवस्था की गई है, ताकि संगम क्षेत्र पर दबाव कम किया जा सके। शुक्रवार तड़के से ही स्नान का क्रम शुरू हो गया। संगम नोज, नैनी के अरैल, झूंसी और संगम क्षेत्र के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।
मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मेला क्षेत्र को 9 सर्किल में बांटा गया है। भीड़ नियंत्रण के लिए 16 होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं और लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। एआई आधारित सर्विलांस, जल यातायात योजना, रेडियो संचार, आपदा प्रबंधन, पांटून पुल, अग्निशमन, सुरक्षा, अभिसूचना और साइबर अपराध से संबंधित व्यवस्थाओं को भी सख्ती से लागू किया गया है।
गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या ज्योतिष पीठ के निदेशक आचार्य विवेक उपाध्याय के अनुसार, इस बार मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। अमावस्या तिथि 17 जनवरी की रात 11:53 बजे से 18 जनवरी की रात 1:09 बजे तक रहेगी। इस अवधि में किया गया स्नान, व्रत, जप, ध्यान और हवन विशेष पुण्य फलदायी माना गया है।