नोएडा अथॉरिटी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। अथॉरिटी द्वारा अफसरों की नई वर्क-डिस्ट्रिब्यूशन (कार्य-विभाजन) सूची जारी कर दी गई है। इस फेरबदल के तहत प्रशासन, इंजीनियरिंग, ट्रैफिक, मीडिया, आरटीआई, लैंड, बिल्डर-हाउसिंग और पब्लिक शिकायत से जुड़े कई विभागों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। अथॉरिटी का कहना है कि इस नई व्यवस्था से कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।
नई सूची के अनुसार RTI, सोशल मीडिया, मीडिया एवं पब्लिसिटी, भूमि अधिग्रहण, लैंड रिकॉर्ड और आबादी (अबादी) से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारियां नए सिरे से अफसरों को सौंपी गई हैं। इसी तरह बिल्डर-हाउसिंग, ग्रुप हाउसिंग और रेजिडेंशियल प्लॉट से जुड़े विभागों में भी रिपोर्टिंग लाइन में बदलाव किया गया है, ताकि जवाबदेही तय की जा सके।
शहर की यातायात व्यवस्था और नागरिक समस्याओं को लेकर ट्रैफिक सेल तथा पब्लिक ग्रिवांस रिड्रेसल (जन-शिकायत) विभाग में भी प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। अथॉरिटी का उद्देश्य है कि शिकायतों का निस्तारण तय समय-सीमा में हो और फील्ड लेवल पर निगरानी मजबूत की जाए।
अथॉरिटी ने शहर में चिह्नित 65 वल्नरेबल/ब्लैक स्पॉट को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक:
सभी 65 प्वाइंट एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त किए जाएं।
ग्रुप हाउसिंग क्षेत्रों में मौजूद ब्लैक स्पॉट संबंधित बिल्डर खुद ठीक करेंगे।
यदि बिल्डर तय समय में काम नहीं कराते हैं, तो अथॉरिटी स्वयं कार्य कराएगी और पूरा खर्च संबंधित बिल्डर से वसूला जाएगा।
ब्लैक स्पॉट्स पर सड़क मरम्मत और सुरक्षा कार्य मार्च के पहले सप्ताह से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड, रोड मार्किंग, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुरक्षा इंतजाम शामिल होंगे।
शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अथॉरिटी ने 20 नए सेनेटरी इंस्पेक्टरों की नियुक्ति के आदेश भी जारी किए हैं। इनकी तैनाती विभिन्न सेक्टरों और गांवों में की जाएगी, ताकि स्वच्छता और ड्रेनेज व्यवस्था पर बेहतर निगरानी हो सके।
