उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में यूपी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, कानून-व्यवस्था, अवैध परिवहन की रोकथाम और जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाएं पूर्णतः नकलविहीन, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से आयोजित हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। यूपी बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित की जाएंगी।
पूर्ववर्ती घटनाओं के आधार पर आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया एवं गोण्डा को संवेदनशील जनपद घोषित किया गया है। इन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने, अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों का प्रतिदिन दो बार निरीक्षण कराने और कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा से पूर्व सभी परीक्षा कक्षों एवं परिसरों में सीसीटीवी युक्त वॉयस रिकॉर्डर पूर्णतः क्रियाशील हों। राज्य एवं जनपद स्तर पर कंट्रोल एवं मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित किए जाएं और उनके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। परीक्षा कार्य में लगे सभी कार्मिकों का प्रशिक्षण समयबद्ध रूप से पूरा कराया जाए।

एसटीएफ और एलआईयू के माध्यम से संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों की विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। प्रश्नपत्र खोलने की प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में हो, स्ट्रांग रूम से केवल सही प्रश्नपत्र ही निकाले जाएं और रात्रिकालीन रैंडम चेकिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए। बाह्य नकल रोकने के लिए नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।
नकलविहीन परीक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 20 परीक्षा केन्द्रों पर जैमर लगाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखते हुए अफवाह फैलाने, अनुचित मुद्रण और परीक्षा में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने बताया कि 1 फरवरी से 15 फरवरी तक प्रदेश के सभी जनपदों में ओवरलोडिंग एवं अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान लंबित चालान वाले वाहनों, ओवरलोड वाहनों और फर्जी या गलत नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उपखनिज परिवहन करने वाले सभी वाहनों में जीपीएस डिवाइस अनिवार्य रूप से लगाने, विभागीय पोर्टल से इंटीग्रेशन सुनिश्चित करने और माइन टैग की पुष्टि करने के निर्देश दिए गए। शेष 5,632 वाहनों को शीघ्र माइन टैग से टैग कराने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्तों को कलेक्ट्रेट और जिलाधिकारियों को तहसील कार्यालयों का नियमित मुआयना करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के निर्धारित समय पर अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और नामांतरण, पैमाइश, वरासत जैसे राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों का स्थानीय स्तर पर त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से उच्च अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक में बताया गया कि यूपी बोर्ड परीक्षाएं कुल 8,033 परीक्षा केन्द्रों पर दो पालियों में होंगी। इस वर्ष 53 लाख से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। वहीं खनन विभाग में उपखनिज परिवहन के लिए 45,954 वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से अधिकांश को माइन टैग से टैग किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय समयसीमा में निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि परीक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे।