उत्तर प्रदेश सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, उद्योग, सड़क निर्माण तथा सामाजिक पुनर्वास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में जनसुविधाओं को मजबूत करना, कर्मचारियों को राहत देना और बुनियादी ढांचे को गति प्रदान करना है। बैठक में कुल 32 प्रस्तावों में से 30 को मंजूरी दी गई, जबकि दो प्रस्तावों को फिलहाल स्थगित रखा गया।
कैबिनेट ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया है। बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 11.95 लाख लाभार्थियों-शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी विद्यालय स्टाफ और रसोइयों-को इसका लाभ मिलेगा, जिस पर लगभग 358.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

वहीं माध्यमिक शिक्षा से जुड़े एडेड स्कूल, संस्कृत विद्यालयों और मानदेय विशेषज्ञों सहित लगभग 5.8 लाख कर्मियों को भी यह सुविधा दी जाएगी, जिसके लिए 89.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सुविधा आयुष्मान योजना की तर्ज पर लागू होगी और प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का इलाज कैशलेस उपलब्ध कराया जाएगा। निजी स्कूलों के शिक्षकों के सत्यापन के लिए जिला स्तर पर समिति गठित की जाएगी।
शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए AMRUT 2.0 योजना के अंतर्गत सीवरेज परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
गोरखपुर नगर निगम के 17 वार्डों को लाभ पहुंचाने वाली 721.40 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना स्वीकृत हुई।
वाराणसी नगर निगम के 18 वार्डों में 266.49 करोड़ रुपये से सीवर लाइन बिछाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया।
साथ ही, उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी देते हुए पुराने एवं कम उपयोग वाले शहरी क्षेत्रों के पुनर्विकास का रास्ता साफ किया गया। नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को भी आसान बनाने के लिए विकास शुल्क प्रणाली में संशोधन किया गया है।
‘मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति कार्यक्रम’ के तहत कार्यरत शोधार्थियों को सरकारी सेवाओं की परीक्षाओं में अधिकतम तीन वर्ष की आयु सीमा में छूट तथा लिखित परीक्षा में अतिरिक्त अंक देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया, जिससे विज्ञान शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ-हरदोई क्षेत्र में प्रस्तावित PM मित्र टेक्सटाइल पार्क के लिए 458.50 करोड़ रुपये की जलापूर्ति परियोजना को मंजूरी दी गई। सड़क विकास के तहत:
वाराणसी-चंदौली मार्ग के चौड़ीकरण हेतु 325 करोड़ रुपये स्वीकृत।
देवरिया-कसिया (कुशीनगर) मार्ग के लिए 292 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
साथ ही मुजफ्फरनगर स्थित मोरना चीनी मिल का आधुनिकीकरण और क्षमता वृद्धि का निर्णय भी लिया गया, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
आपदा प्रभावित बहराइच जिले के 136 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वासित किया जाएगा, जहां उन्हें आवास एवं खेती के लिए भूमि पट्टे दिए जाएंगे। वहीं मेरठ जिले में विस्थापित 99 परिवारों को 30-30 वर्ष के पट्टे (अधिकतम 90 वर्ष तक नवीकरण योग्य) पर भूमि देकर पुनर्वासित किया जाएगा।
उप-निबंधक कार्यालयों के रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने का कार्य तेजी से जारी है और अब तक 62 जिलों में यह कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा तथा 11 फरवरी को वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा।
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, शहरी विकास और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करते हुए रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा करना है।