एस.पी. गोयल, मुख्य सचिव, ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। बैठक में आयुष्मान भारत योजना, फार्मर रजिस्ट्री, राजस्व वाद, स्वामित्व योजना तथा आईएमएलसी के विस्तारीकरण सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी जिलों में शेष पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड शीघ्रता से बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रभावी रणनीति बनाकर तत्काल लागू करने को कहा गया। जिलों को अधिक ऑपरेटर आईडी जारी करने के लिए अधिकृत करते हुए प्रत्येक जिले में न्यूनतम 1000 ऑपरेटर आईडी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि जिला स्तर पर अधिक संख्या में कार्ड तैयार किए जा सकें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को प्रतिदिन कार्ड निर्माण की समीक्षा करने तथा सभी ऑपरेटर आईडी को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। लापरवाही या खराब प्रदर्शन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई और सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 20 जिलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलाधिकारियों द्वारा नियमित और गहन समीक्षा के बिना अपेक्षित प्रगति संभव नहीं है। पीएम किसान योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत लाभार्थियों की फार्मर आईडी 31 मार्च 2026 तक बनाने के लिए प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित कर दैनिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

राजस्व वादों की समीक्षा में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा गया।
स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश में 15 लाख नई घरौनियों के वितरण का प्रस्ताव है। सभी जनपदों को अपने स्तर पर गैप का आकलन कर अधिक से अधिक घरौनियों का निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रदेश के 90,530 ग्रामों के सापेक्ष 72,961 ग्रामों में घरौनी तैयार करने का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 73,121 ग्रामों में प्रपत्र-7 जेनरेट किया जा चुका है। शेष ग्रामों में कार्य विभिन्न चरणों में जारी है। लगभग 10,000 ग्रामों में स्थलीय पड़ताल का कार्य 20 फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। प्रदेश में स्वामित्व योजना का कार्य जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
आईएमएलसी के विस्तारीकरण को लेकर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जहां यूपीडा द्वारा नए एक्सप्रेस-वे या लिंक एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित हैं और पूर्व में आईएमएलसी का चिन्हांकन नहीं हुआ है, ऐसे 9 जनपदों-मैनपुरी, फर्रुखाबाद, जौनपुर, भदोही, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और मुजफ्फरनगर-में प्रति जनपद 1000 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। भूमि चयन के दौरान बड़े भूखंडों और राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में बताया गया कि पीएम किसान योजना के अंतर्गत अब तक 64 प्रतिशत लाभार्थियों की फार्मर आईडी जनरेट हो चुकी है। 1 से 27 जनवरी के बीच फार्मर रजिस्ट्री में सर्वाधिक पंजीकरण करने वाले जिलों में मिर्जापुर, हरदोई, बाराबंकी, सुल्तानपुर, बिजनौर, चंदौली, बुलंदशहर, आजमगढ़, प्रतापगढ़ और मऊ शामिल रहे। ओवरऑल प्रगति में रामपुर जिला प्रथम स्थान पर रहा, जहां 86.12 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की कि आयुष्मान भारत योजना और फार्मर रजिस्ट्री सहित सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण तत्परता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए।