मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर ब्रेकथ्रू राज्य की पहचान बना चुका है। प्रदेश की इस नई पहचान और तेज विकास को जातिवादी और परिवारवादी ताकतें बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि यही वे लोग हैं जो पहले दंगाइयों के हमपरस्त रहे और प्रदेश को भय, आतंक व अराजकता की ओर ढकेलते थे।
मुख्यमंत्री मंगलवार को गोरखपुर में 96.50 करोड़ रुपये की लागत से बने खजांची चौराहा फ्लाईओवर और 152.19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज का लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पहले खजांची चौराहे पर शिलापट्ट का अनावरण कर फीता काटा और फिर बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज को जनता को समर्पित किया।
लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उपद्रव प्रदेश नहीं, बल्कि उत्सव प्रदेश बन चुका है। सुदृढ़ कानून व्यवस्था के चलते दंगाई या तो प्रदेश छोड़ चुके हैं या कानून के सामने नतमस्तक हैं। इससे उनके सरपरस्तों और हमदर्दों को परेशानी हो रही है, क्योंकि अव्यवस्था से चलने वाली उनकी राजनीति अब ठप हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास प्रक्रिया से परेशान होकर कुछ लोग अव्यवस्था फैलाने का प्रयास करते हैं, लेकिन प्रदेश सरकार उपद्रव पर कठोर कार्रवाई करना जानती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति को याद दिलाते हुए कहा कि तब प्रदेश में भय, आतंक, दंगे और अराजकता का माहौल था। न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी और न ही युवा। उन्होंने कहा कि जाति और परिवार की राजनीति करने वालों ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया और प्रदेश की पहचान को संकट में डाला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2017 के बाद का उत्तर प्रदेश अब समस्याओं के समाधान और सतत विकास की बात करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सुरक्षा और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण डबल इंजन सरकार ने निवेश की बहार लाई है। स्केल को स्किलिंग में बदलकर युवाओं को उनके क्षेत्र में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और डेढ़ करोड़ युवाओं को रोजगार की गारंटी, विकास की दिशा में मजबूत दस्तावेज हैं। गोरखपुर में गीडा से धुरियापार तक उद्योगों की श्रृंखला स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर की पहचान अब माफिया, मच्छर या इंसेफेलाइटिस से नहीं, बल्कि वर्ल्ड क्लास सड़कों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से है। फोरलेन कनेक्टिविटी, लिंक एक्सप्रेसवे, गीडा, खाद कारखाना और एम्स गोरखपुर-ये सब शहर की नई पहचान हैं। रामगढ़ताल, जो कभी अव्यवस्था का केंद्र था, आज शहर को नई पहचान दे रहा है और गोरखपुर स्किल के नए केंद्र के रूप में विकसित भारत के संकल्प में योगदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब विकास किसी एक क्षेत्र या परिवार की विरासत बनकर नहीं रहेगा। हर जिले और हर क्षेत्र का समान रूप से विकास होगा। गोरखपुर जैसा इंफ्रास्ट्रक्चर लखनऊ, प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, मिर्जापुर, आजमगढ़, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी दिखाई देगा। उन्होंने प्रयागराज के आयोजनों का उदाहरण देते हुए कहा कि सुरक्षा और सुविधाओं की गारंटी से श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है।
समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की डबल इंजन सरकार विकास के साथ गरीबों, वंचितों और शोषितों की सेवा में संकल्पबद्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और प्रशासनिक दृढ़ता की सराहना की।
बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज करीब 1092 मीटर लंबा है, जिससे रेलवे समपार फाटक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और महानगर के उत्तरी हिस्से में यातायात सुगमता बढ़ेगी। वहीं, 605 मीटर लंबा खजांची चौराहा फ्लाईओवर जेल बाईपास को स्पोर्ट्स कॉलेज रोड से सीधी कनेक्टिविटी देता है, जिससे सोनौली रोड और फर्टिलाइजर कारखाने की ओर आवागमन और अधिक सुगम होगा।