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लालकृष्ण आडवाणी जाएंगे रामलला के प्राण प्रतिष्ठा में; पहले शामिल न होने की थी खबर

अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को श्री रामलाल का प्राण प्रतिष्ठा होने जा रहा है। जिसको लेकर मेहमानों को निमंत्रण दिए जा रहे हैं इसी को लेकर विश्‍व हिंदू परिषद के अंतरराष्‍ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने 19 दिसंबर को लालकृष्‍ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का न्‍योता दिया था। परंतु ऐसी खबरें आ रही थी कि वे इस आयोजन में शामिल नहीं होंगे। लेकिन अभी आए खबरों के अनुसार ये दोनों आयोजन में आने वाले हैं।

By: Desk Team  RNI News Network
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लालकृष्ण आडवाणी जाएंगे रामलला के प्राण प्रतिष्ठा में; पहले शामिल न होने की थी खबर

अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को श्री रामलाल का प्राण प्रतिष्ठा होने जा रहा है। जिसको लेकर मेहमानों को निमंत्रण दिए जा रहे हैं इसी को लेकर विश्‍व हिंदू परिषद के अंतरराष्‍ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने 19 दिसंबर को लालकृष्‍ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का न्‍योता दिया था। परंतु ऐसी खबरें आ रही थी कि वे इस आयोजन में शामिल नहीं होंगे। लेकिन अभी आए खबरों के अनुसार ये दोनों आयोजन में आने वाले हैं।

शामिल होंगे बीजेपी सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी

अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले आयोजन में बीजेपी के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी शामिल होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने इसकी जानकारी दी है।

बता दें की राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बीते 18 दिसंबर को लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से अनुरोध किया था कि वे जनवरी में होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए अयोध्या न आएं। जिसको स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा था कि दोनों नेताओं की उम्र काफी ज्यादा हो चुकी है। यहां ठंड भी ज्यादा है। इसलिए उन्होंने दोनों नेताओं से निवेदन किया है कि समारोह में न आएं। फिलहाल लालकृष्ण आडवाणी अभी 96 साल के हैं और मुरली मनोहर जोशी की उम्र 5 जनवरी को 90 साल के हो गए हैं।

वहीं कल कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा में जाने से सम्मानपूर्वक इनकार कर दिया है। सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन समेत सभी कांग्रेस नेता ने इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंने की बात कही है। कांग्रेस ने कहा है कि ये भाजपा और RSS का प्रोग्राम है और ये चुनाव के लिए अधूरे मंदिर का उद्धाटन करने जा रहे हैं। अब तक I.N.D.I.A गठबंधन की 5 पार्टियां कांग्रेस, सपा, टीएमसी, CPI(M) और शिवसेना (उद्धव गुट) प्राण प्रतिष्ठा में जाने से इनकार कर चुकी हैं।

भारत के पीएम मोदी को 25 अक्टूबर 2023 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने राम मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम का निमंत्रण पहले ही दे दिया था।

कांग्रेस ने कहा यह BJP और RSS ने इसे इवेंट बनाया

राम मंदिर के निमंत्रण को लेकर कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लेटर शेयर किया है, जिसमें उद्घाटन में न जाने का कारण बताया है। इस लेटर में कांग्रेस ने कहा है कि धर्म निजी मामला है, लेकिन BJP/RSS ने मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम को इवेंट बना लिया है। उधर, गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि कांग्रेस को ऐसा नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम में न जाने का फैसला सही नहीं है।

वहीं TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, ‘मैं उन उत्सवों में विश्वास करती हूं, जो सभी समुदायों के लोगों को साथ लेकर चलते हैं और एकता की बात करते हैं। भाजपा कार्यक्रम को अदालत के निर्देश पर कर रही है। नौटंकी के तौर पर यह कार्यक्रम लोकसभा चुनाव से पहले किया जा रहा है।’ TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा- मुझे नहीं पता कि ममता को निमंत्रण आया या नहीं, लेकिन कार्यक्रम में उनके शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।

CPI(M) के नेता सीताराम येचुरी ने 26 दिसंबर 2023 को ही राम मंदिर उद्घाटन समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि धर्म एक व्यक्तिगत पसंद से जुड़ा मामला है, दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी और RSS ने एक धार्मिक समारोह को सरकारी कार्यक्रम में बदल दिया है। जिसमें प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और अन्य सरकारी पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव को VHP नेता आलोक कुमार कार्यक्रम का निमंत्रण देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा- मैं अजनबी से ऐसा निमंत्रण स्वीकार नहीं कर सकता। मैं आलोक कुमार को नहीं जानता। उधर, सपा नेता डिंपल यादव ने कहा कि उन्हें निमंत्रण मिलेगा तो वह जरूर जाएंगी।

बात करें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तो उन्हें प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए अभी तक कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केजरीवाल को कुछ दिन पहले एक पत्र मिला था जिसमें बताया गया था कि 22 जनवरी को वह अपना कोई कार्यक्रम निर्धारित न करे। वहीं, AAP प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा था- राम मंदिर को लेकर BJP धर्म की राजनीति कर रही है। इससे धर्म को नुकसान पहुंचता है।

22 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे रामलला की प्राण प्रतिष्ठा

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में 22 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित 6000 दिग्गज शामिल होंगे, जिनमें 4000 संत और करीब 2200 मेहमान हैं। इस दौरान छह दर्शनों (प्राचीन विद्यालयों) के शंकराचार्य और करीब 150 साधु-संत भी मौजूद रहेंगे।

7 दिन तक चलेगा प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम

अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। मंदिर के अधिकारियों के मुताबिक अभिषेक समारोह 16 जनवरी से शुरू होकर सात दिनों तक चलेगा।

16 जनवरी: मंदिर ट्रस्ट, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तरफ से नियुक्त किए गए यजमान प्रायश्चित समारोह की शुरुआत करेंगे। सरयू नदी के तट पर ‘दशविध’ स्नान, विष्णु पूजा और गायों को प्रसाद दिया जाएगा।

17 जनवरी: 5 साल के रामलला की मूर्ति के साथ एक काफिला अयोध्या पहुंचेगा। श्रद्धालु मंगल कलश में सरयू नदी का जल लेकर राम जन्मभूमि मंदिर आएंगे।

18 जनवरी: गणेश अंबिका पूजा, वरुण पूजा, मातृका पूजा, ब्राह्मण वरण और वास्तु पूजा के साथ औपचारिक अनुष्ठान शुरू होंगे।

19 जनवरी: पवित्र अग्नि जलाई जाएगी। इसके बाद नवग्रह की स्थापना और हवन किया जाएगा।

20 जनवरी: राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह को सरयू जल से धोया जाएगा, जिसके बाद वास्तु शांति और ‘अन्नाधिवास’ अनुष्ठान होगा।

21 जनवरी: रामलला की मूर्ति को 125 कलशों के जल से स्नान कराया जाएगा।

22 जनवरी: सुबह की पूजा के बाद दोपहर में ‘मृगशिरा नक्षत्र’ में रामलला के मूर्ति का अभिषेक किया जाएगा।

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