उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गंगा एक्सप्रेस-वे, उत्तर प्रदेश डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी), बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा), मेडिकल डिवाइस पार्क-गौतमबुद्ध नगर तथा फार्मा पार्क–ललितपुर परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन निवेशकों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत भूमि आवंटित की गई है, उनके साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों में इकाइयों की संभावित फंक्शनल डेट और वर्क प्लान प्राप्त किए जाएं तथा शेष औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्क प्लान के अनुरूप निरंतर निगरानी करते हुए उत्पादन शीघ्र प्रारंभ कराने के प्रयास किए जाएं। साथ ही केवल उपलब्ध भूमि का ही आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
गंगा एक्सप्रेस-वे की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने शेष कार्यों को 15 फरवरी 2025 से पूर्व पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि परियोजना के अंतर्गत कुल 1497 संरचनाओं (मेजर ब्रिज, आरओबी, माइनर ब्रिज, फ्लाईओवर आदि) का कार्य पूर्ण हो चुका है।
कैरिज-वे का निर्माण 578.03 किमी में से 567.53 किमी पूरा हो चुका है और शेष कार्य 31 जनवरी से पहले पूरा कर लिया जाएगा। सर्विस रोड 730.850 किमी में से 547.478 किमी पूर्ण है, जबकि अर्थ वर्क का कार्य पूरा हो चुका है। सर्विस रोड, वे-साइड एमेनिटीज और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़े कार्य 15 फरवरी तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
यूपीडीआईसी के लिए कुल 5136.3128 हेक्टेयर भूमि के सापेक्ष 4304.7873 हेक्टेयर (83.8 प्रतिशत) भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। कॉरिडोर के अंतर्गत 62 उद्योगों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जबकि 113 उद्योगों के लिए आवंटन प्रक्रिया जारी है। 15 उद्योगों ने अपना सेटअप शुरू कर दिया है और 09 उद्योगों में उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है।
मुख्य सचिव ने बीडा के लिए शेष भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने तथा बीडा महायोजना-2045 के अंतर्गत जोनल और सेक्टर प्लानिंग का कार्य 31 मार्च 2025 से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही एक्टिवेशन एरिया में जलापूर्ति एवं विद्युत आपूर्ति के लिए इसी माह वर्क ऑर्डर जारी करने और 60 मीटर आर्टिरियल रोड का निर्माण शीघ्र प्रारंभ करने को कहा गया।
मेडिकल डिवाइस पार्क-गौतमबुद्ध नगर में 350 एकड़ के सापेक्ष 300 एकड़ भूमि उपलब्ध है। शेष भूमि आपसी सहमति से आगामी तीन माह में अधिग्रहित किए जाने की योजना है। पार्क में कॉमन साइंटिफिक फैसिलिटीज का निर्माण पूरा हो चुका है तथा उपकरण क्रय की प्रक्रिया प्रगति पर है।
फार्मा पार्क-ललितपुर परियोजना के संबंध में बताया गया कि पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त हो चुकी है। पहले चरण के अंतर्गत पैकेज-1 में सड़क, ड्रेनेज सिस्टम, पावर और वाटर नेटवर्क, वेस्ट वॉटर कन्वेयंस सिस्टम, ट्रक पार्किंग, कंपाउंड वॉल, लैंडस्केपिंग, सोलर पैनल, प्रशासनिक भवन, फायर फाइटिंग बिल्डिंग और एंट्रेंस गेट का निर्माण तेजी से चल रहा है। वर्तमान में साइट पर कार्य 29 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य निर्धारित समय-सारणी के अनुसार 26 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और सभी विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं, ताकि उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।