ऐतिहासिक आगरा का लाल किला में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर भव्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र सहित कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दीप प्रज्वलन कर की। इसके बाद लाल किले के ऐतिहासिक परिसर में महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने शिवाजी महाराज की शौर्य गाथाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और स्वराज के भाव से भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान लाल किले के सामने महाराष्ट्र के पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की गूंज ने दर्शकों में विशेष उत्साह भर दिया। हजारों की संख्या में महाराष्ट्र से आए लोगों ने इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लिया। भीड़ और कार्यक्रम की भव्यता को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगरा में आयोजित इस भव्य आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आगरा में प्रस्तावित शिवाजी महाराज म्यूजियम के निर्माण में महाराष्ट्र सरकार भी सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि जमीन का अधिग्रहण पूरा होते ही शिवाजी महाराज स्मारक का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना में यूपी सरकार के सहयोग के लिए भी महाराष्ट्र सरकार ने धन्यवाद व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने संबोधन में कहा कि यही वह आगरा किला है, जहां औरंगजेब ने शिवाजी महाराज को कैद किया था। आज उसी किले में शिवाजी महाराज की वीरता, साहस और स्वराज की गाथा गूंज रही है। उन्होंने कहा कि कैद से मुक्त होने के बाद शिवाजी महाराज ने “स्वराज” का नारा दिया, जो आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह आयोजन इतिहास को स्मरण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को शिवाजी महाराज के आदर्शों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
लाल किले में आयोजित यह शिवाजी जयंती महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक व ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने का प्रतीक भी बना। हजारों लोगों की भागीदारी और ऐतिहासिक स्थल पर गूंजती शौर्य गाथाएं इस आयोजन को यादगार बना गईं।