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Lucknow: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ए.के.टी.यू. के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज का किया भ्रमण, पाठ्यक्रमों के सतत आधुनिकीकरण पर दिया जोर

राज्यपाल ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि वे युवाओं को राष्ट्र की ऊर्जा और भविष्य मानते थे। उनका प्रेरक संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” आज भी युवाओं को दिशा देता है।

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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Lucknow: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ए.के.टी.यू. के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज का किया भ्रमण, पाठ्यक्रमों के सतत आधुनिकीकरण पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (ए.के.टी.यू.), लखनऊ के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज का भ्रमण किया तथा विश्वविद्यालय के बी-टेक प्रथम सत्र का औपचारिक शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएँ दीं।

विवेकानंद जी युवाओं को राष्ट्र की ऊर्जा मानते थे

राज्यपाल ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि वे युवाओं को राष्ट्र की ऊर्जा और भविष्य मानते थे। उनका प्रेरक संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” आज भी युवाओं को दिशा देता है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत उन्नति तभी सार्थक है, जब वह राष्ट्रीय विकास से जुड़ी हो।

वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप पाठ्यक्रम अपडेट हों

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से आह्वान किया कि वे बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप अपने पाठ्यक्रमों एवं तकनीकी कार्यक्रमों को निरंतर अद्यतन करें। इससे विद्यार्थी न केवल ज्ञानवान बनेंगे, बल्कि नवोन्मेषी, आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम भी होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज और राष्ट्र की प्रगति सामूहिक उत्तरदायित्व से ही संभव है।

राष्ट्रीय अभियानों की सफलता सामूहिक चेतना का परिणाम

राज्यपाल ने कहा कि स्वच्छता अभियान, डिजिटल पेमेंट, एक पेड़ माँ के नाम और विकसित भारत जैसे अभियानों की सफलता देश की एकजुट चेतना और साझा संकल्प का प्रमाण है। भारत आज रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भारत की सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक प्रगति

उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि दिवाली को यूनेस्को द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता मिलना देश के लिए गौरव का विषय है। साथ ही उन्होंने बताया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत 8 प्रतिशत से अधिक विकास दर के साथ विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

उच्च शिक्षा, शोध और विज्ञान में उल्लेखनीय प्रगति

राज्यपाल ने कहा कि देश में आईआईटी, आईआईएम और एम्स की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नई शिक्षा नीति, पीएम श्री स्कूल, चंद्रयान मिशन, गगनयान और प्रस्तावित भारतीय स्पेस स्टेशन भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और वैज्ञानिक क्षमता के प्रतीक हैं।

ए.के.टी.यू. को ‘ए प्लस’ ग्रेड मिलने पर बधाई

राज्यपाल ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ‘ए प्लस’ ग्रेड मिलने पर बधाई दी। उन्होंने बताया कि आठ वर्षों में यह विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि है। 378 से अधिक शोधपत्र, 10 से अधिक पेटेंट और 4,500 से अधिक साइटेशन विश्वविद्यालय की सशक्त अनुसंधान संस्कृति को दर्शाते हैं।

नवाचार, स्टार्टअप और आत्मनिर्भर भारत

राज्यपाल ने स्टार्टअप इंडिया, अटल इनोवेशन मिशन और मेक इन इंडिया जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत का संकल्प युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और उद्यमशीलता से जुड़ा है। विश्वविद्यालय द्वारा 100 करोड़ रुपये की इनोवेशन निधि, डिजिटल मूल्यांकन, ऑनलाइन परीक्षाएँ और उद्योग सहयोग जैसे प्रयासों को उन्होंने प्रगतिशील कदम बताया।

प्रयोगशालाओं और इनोवेशन हब का निरीक्षण

राज्यपाल ने सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज की विभिन्न प्रयोगशालाओं-इलेक्ट्रॉनिक्स लैब, फिजिक्स लैब, ऑटोमेशन लैब और गूगल लैब-का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं में कार्य करने का अवसर दिया जाए, ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने इनोवेशन हब और स्टार्टअप्स के को-वर्किंग स्पेस का भी भ्रमण किया तथा छात्रों से उनके नवाचारों की जानकारी ली।

स्पेस टेक्नोलॉजी पर महत्वपूर्ण एमओयू

राज्यपाल की उपस्थिति में ए.के.टी.यू. और बेंगलुरु स्थित संस्था जेनक्स स्पेस के बीच स्पेस टेक्नोलॉजी पर आधारित समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। इसके तहत विश्वविद्यालय में स्पेस क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना तथा छात्रों और शिक्षकों को अंतरिक्ष विज्ञान का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पुस्तक विमोचन और पौधरोपण

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने “बुंदेलखंड गार्डन” पुस्तक तथा बी-टेक छात्रों के लिए तैयार पाठ्यक्रम बुकलेट का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपित किया।

कुलपति का वक्तव्य

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. पाण्डेय ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में ए.के.टी.यू. को विश्वस्तरीय बनाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। विश्वविद्यालय को एआई यूनिवर्सिटी बनाने और क्वांटम तकनीक में माइनर डिग्री प्रारंभ करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रति कुलपति प्रो. राजीव कुमार, कुलसचिव रीना सिंह, वित्त नियंत्रक केशव सिंह, डीन इनोवेशन प्रो. बी.एन. मिश्रा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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