Karnailganj Ramleela: उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले के करनैलगंज में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला का समापन भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और राजगद्दी की लीला के साथ हुआ। एक महीने तक चली रामलीला के अंतिम दिन प्रभु श्रीराम के अयोध्या (Shri Ram Temple) की राजगद्दी पर विराजमान होते ही पूरा रामलीला परिसर भक्तिमय हो गया। ऐसे में भव्य राम दरबार की झांकी के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। साथ ही, जय श्रीराम के जयकारों से कार्यक्रम गूंज उठा। वहीं, जहां रामचरितमानस (Ramcharitmanas) पर आधारित इस रामलीला में भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों की झलक देखने को मिली है।
जानकारी के लिए बता दें करनैलगंज की ऐतिहासिक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में करीब एक महीने तक भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी कई लीलाओं का मंचन किया गया है। रामलीला के दौरान कलाकारों ने रामचरितमानस के प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत कर दर्शकों को भगवान श्रीराम के जीवन, संघर्ष और आदर्शों से परिचित कराया।
वहीं, विजयदशमी (Vijayadashami) के अवसर पर भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए युद्ध तथा लंका विजय का मंचन किया गया था। इसके बाद प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने और उनके राज्याभिषेक की लीला (Shri Ram Rajyabhishek) प्रस्तुत की गई। अंतिम दिन आयोजित राजगद्दी कार्यक्रम को देखने के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखाई दिया।
दरअसल इस कार्यक्रम में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की उपस्थिति वाले भव्य राम दरबार की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। जैसे ही प्रभु श्रीराम को अयोध्या की राजगद्दी पर विराजमान दिखाया गया, श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। राम दरबार के दर्शन कर भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति भाव व्यक्त किया। पूरे परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कार्यक्रम के समापन अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष मोहित पांडेय, महामंत्री कामतानाथ वर्मा, विश्वनाथ शाह, श्रीनाथ रस्तोगी और मनीष भट्ट सहित कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिसमें करनैलगंज की ऐतिहासिक रामलीला का समापन केवल एक धार्मिक आयोजन का अंत नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद करने का अवसर भी बना। राज्याभिषेक की लीला के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श शासन का संदेश दिया।