गौतमबुद्धनगर। जिले के उन पेंशनरों के लिए जरूरी सूचना जारी की गई है, जिनके जीवन प्रमाण पत्र की वैधता अक्टूबर 2026 में समाप्त हो रही है। वरिष्ठ कोषाधिकारी शिखा गुप्ता ने ऐसे पेंशनरों से जल्द से जल्द जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की अपील की है। समय पर प्रमाण पत्र जमा नहीं होने की स्थिति में पेंशन भुगतान प्रभावित हो सकता है।
पेंशनरों की सुविधा के लिए सरकार ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की व्यवस्था उपलब्ध कराई है। अब पेंशनरों को हर बार कोषागार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। वे अपनी बैंक शाखा, कोषागार कार्यालय या ऑनलाइन माध्यम से प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। डिजिटल सुविधा के तहत जीवन प्रमाण पोर्टल और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए आधार फेस आरडी और जीवन प्रमाण ऐप डाउनलोड करके आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसके बाद फेस ऑथेंटिकेशन या बायोमेट्रिक प्रक्रिया के जरिए प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के पेंशनर साल में किसी भी महीने अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। प्रमाण पत्र की वैधता अगले एक वर्ष तक रहती है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने और प्रमाण पत्र स्वीकृत होने के बाद इसकी वैधता प्रभावी होती है। पेंशनर इस सुविधा का लाभ नजदीकी डाकघर, जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे या अपने मोबाइल के माध्यम से भी उठा सकते हैं।

जिन पेंशनरों का जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं होने के कारण पेंशन भुगतान रुक गया है और वे गंभीर बीमारी या अन्य कारणों से कोषागार कार्यालय नहीं पहुंच सकते, उनके परिजन संबंधित कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। शिखा गुप्ता ने बैंक शाखा प्रबंधकों को भी निर्देश दिए हैं कि पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र समय पर कोषागार कार्यालय तक पहुंचाए जाएं, जिससे भुगतान में अनावश्यक देरी न हो।
जिला कोषागार प्रशासन ने सभी पेंशनरों से अपील की है कि वे अपने जीवन प्रमाण पत्र की वैधता की जांच करें और समय रहते इसे जमा कर दें। इससे पेंशन भुगतान में रुकावट की आशंका कम होगी और पेंशनरों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।