मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को देश का बड़ा स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में ‘स्टार्ट इन यूपी’ नीति के तहत प्रदेश में 7 आधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) को मंजूरी दी गई है। इन केंद्रों के लिए अब तक ₹27.18 करोड़ से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है।
इन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से प्रदेश में नए विचार, तकनीकी शोध, नवाचार और रोजगार सृजन को गति मिल रही है। सैकड़ों स्टार्टअप्स को तकनीकी सहयोग मिल रहा है, वहीं हजारों युवाओं को स्किल डेवलपमेंट का अवसर प्राप्त हो रहा है।
प्रदेश में स्थापित ये सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 5जी/6जी टेलीकॉम, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। ये केंद्र न केवल स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता दे रहे हैं, बल्कि उन्हें ग्लोबल स्टैंडर्ड पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
गौतम बुद्ध नगर, लखनऊ, कानपुर नगर, सहारनपुर और गाजियाबाद में स्थापित इन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों-आईआईटी कानपुर, आईआईटी रुड़की, आईआईएम लखनऊ, एसटीपीआई लखनऊ और एकेजीईसी गाजियाबाद-का सहयोग प्राप्त है। इसके जरिए स्टार्टअप्स को विश्वस्तरीय लैब्स, सुपरकंप्यूटिंग, AI/ML प्लेटफॉर्म, टेस्टिंग फैसिलिटी, मेंटरशिप और इंडस्ट्री कनेक्ट उपलब्ध कराया जा रहा है।
गौतम बुद्ध नगर में स्थापित ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को आईआईएम लखनऊ ईआईसी द्वारा माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। यह सेंटर 10,000 वर्ग फुट के अत्याधुनिक परिसर में अगले पांच वर्षों में 100 स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करेगा। यहां स्टार्टअप्स को ₹75 लाख तक की सीड फंडिंग, विशेषज्ञ मेंटरशिप और एंजेल व वेंचर कैपिटल नेटवर्क से जोड़ने की सुविधा दी जा रही है।
लखनऊ में स्थापित मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स (MedTech) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को एसटीपीआई लखनऊ, एसजीपीजीआई, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग (उत्तर प्रदेश सरकार), AIMED, AMTZ और KIHT के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य मेडिकल डिवाइस और हेल्थ टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर आयात पर निर्भरता कम करना और मेक इन इंडिया व डिजिटल इंडिया को सशक्त बनाना है।
कानपुर नगर में आईआईटी कानपुर द्वारा संचालित 5जी/6जी टेलीकॉम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीकों पर शोध और स्टार्टअप विकास को बढ़ावा दे रहा है। यह केंद्र अत्याधुनिक RF लैब्स, AI/ML सर्वर, सुपरकंप्यूटिंग टूल्स और टेस्टिंग सुविधाओं से लैस है और भारत को वैश्विक टेलीकॉम नवाचार में अग्रणी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसी क्रम में नोएडा में स्थापित AI एवं इनोवेशन आधारित उद्यमिता (AIDE) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, आईआईटी कानपुर और FICCI के सहयोग से संचालित है, जहां हर वर्ष 50 AI आधारित स्टार्टअप्स को प्रशिक्षण, मेंटरशिप और निवेश से जोड़ा जा रहा है।
कानपुर नगर में आईआईटी कानपुर द्वारा संचालित UAV डिजाइन, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता, टेस्टिंग, डिजाइन वैलिडेशन और कंसल्टेंसी प्रदान कर रहा है। DGCA अनुमोदित फ्लाइट टेस्टिंग जोन और उन्नत लैब्स के माध्यम से यह केंद्र उत्तर प्रदेश को ड्रोन टेक्नोलॉजी का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में अग्रसर है।
इन सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से उत्तर प्रदेश में नवाचार आधारित उद्यमिता को नई गति मिल रही है। सरकार का लक्ष्य केवल तकनीक विकसित करना नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार, कौशल विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना है।
यूपी तेजी से भारत के उभरते टेक और स्टार्टअप हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।