गौतमबुद्धनगर। आपदा के दौरान जान-माल के नुकसान को कम करने और सामुदायिक स्तर पर तैयारियों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। कलेक्ट्रेट स्थित आपदा प्रशिक्षण हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह की उपस्थिति में हुआ। प्रशिक्षण में करीब 85 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ और जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर के निर्देशों के क्रम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आपदा जोखिम कम करने, आपात परिस्थितियों में सही कदम उठाने और जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह ने कहा कि आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए जागरूकता, समय पर तैयारी, नियमित प्रशिक्षण और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने परिवार और आसपास के लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। आपात स्थिति में उनकी सक्रियता से राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समुदाय को आपदाओं के प्रति अधिक जागरूक और सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव, जोखिम न्यूनीकरण और आपातकालीन परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही बुनियादी जीवन रक्षक कौशल, प्राथमिक चिकित्सा और आग लगने की स्थिति में बचाव के उपायों पर प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं को यह भी समझाया गया कि आपदा के समय घबराने के बजाय किस प्रकार सुरक्षित तरीके से प्रतिक्रिया देनी चाहिए और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने में सहयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से संबंधित वीडियो और सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्री के माध्यम से भी जागरूक किया गया। मास्टर ट्रेनरों ने महिलाओं को आपदा के दौरान त्वरित निर्णय लेने, प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने और सामुदायिक स्तर पर राहत एवं बचाव गतिविधियों में सहयोग करने के बारे में मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षण में व्यावहारिक पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि महिलाएं जरूरत पड़ने पर सीखी गई जानकारियों का इस्तेमाल कर सकें।

इस प्रशिक्षण का एक प्रमुख उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आपात परिस्थितियों में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता यानी फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाना है। इसके तहत महिलाओं को अपने परिवार और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने, लोगों को सतर्क करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग देने के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने और आपदा के समय स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी दो दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं, सुरक्षा उपायों और आपातकालीन प्रतिक्रिया से संबंधित जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी अंकित कुमार सिंह, एनडीआरएफ, अग्निशमन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, मास्टर ट्रेनर अजय पंवार, विजयपाल सिंह और श्रीयांश चतुर्वेदी सहित अन्य संबंधित कर्मचारी एवं प्रशिक्षक मौजूद रहे। प्रशिक्षण का संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी कर रहे हैं। यह पहल महिलाओं की क्षमता बढ़ाने, सामुदायिक स्तर पर आपदा से निपटने की तैयारी मजबूत करने और आपदा जोखिम न्यूनीकरण में जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।