उत्तर प्रदेश में हालिया बारिश और ओलावृष्टि के बाद ठंड एक बार फिर लौट आई है। शनिवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, आगरा, बरेली और गाजियाबाद समेत कई जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है। कई स्थानों पर दृश्यता घटकर मात्र 10 मीटर तक रह गई है, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और यातायात प्रभावित हो रहा है।
बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और शाम के समय गलन बढ़ गई है। सड़कों पर निकलने वाले लोगों के हाथ-पैर सुन्न पड़ रहे हैं और लोग गर्म कपड़ों के साथ अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 31 जनवरी तक कोहरे की तीव्रता और बढ़ सकती है तथा कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा छाने की संभावना है। इसके बाद फरवरी के पहले सप्ताह में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 1 से 3 फरवरी के बीच प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों संभागों में बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे कोहरे से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि 4 फरवरी से तापमान में एक बार फिर हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
शुक्रवार को प्रदेश में बुलंदशहर 8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा जिला रहा। वहीं आगरा में अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
मौसम विभाग ने घने कोहरे को देखते हुए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं शामिल हैं।
राजधानी लखनऊ में कभी पश्चिमी विक्षोभ तो कभी हवा की दिशा बदलने के कारण दिन और रात के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 1 फरवरी से एक नया विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके असर से 2 फरवरी को लखनऊ में बूंदाबांदी के आसार हैं। इसके साथ ही कोहरे में और बढ़ोतरी तथा रात के तापमान में हल्की गिरावट भी संभव है।