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Gorakhpur: जनता दरबार में बोले सीएम योगी किसी भी फरियादी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं

स्वास्थ्य मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता पर जोर...

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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Gorakhpur: जनता दरबार में बोले सीएम योगी किसी भी फरियादी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं

गोरखपुर दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बीच भी जनता दर्शन (जनता दरबार) का आयोजन कर आमजन की समस्याएं सुनीं। कड़ाके की ठंड के बावजूद प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे फरियादियों की शिकायतों को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।

किसी भी फरियादी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसी फरियादी के साथ अन्याय न हो। विशेष रूप से भूमि से जुड़े मामलों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि कमजोर और निर्धन वर्ग की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन को ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

स्वास्थ्य मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता पर जोर

जनता दर्शन के दौरान स्वास्थ्य से संबंधित शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ किया जाए। उपचार, जांच और सहायता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रकरण पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा और संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही रिपोर्ट लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान है।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर राजीव धींगरा (कमिश्नर), दीपक मीणा (जिलाधिकारी), राजकरण नैय्यर (एसएसपी) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन का आश्वासन दिया। जनता दर्शन के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि सुशासन और जनसुनवाई उनकी प्राथमिकता है। कड़ाके की ठंड और व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद जनता की समस्याओं को सुनकर त्वरित निस्तारण के निर्देश देना, प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही का मजबूत संदेश देता है।

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