प्रयागराज महाकुंभ 2025 को स्वच्छ और सुंदर बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को साकार करने में मेला प्रशासन पूरी तत्परता से जुट गया है। लगभग 10 हजार सफाईकर्मी दिन रात पूरे महाकुंभ क्षेत्र को चमकाने के लिए लगाए गए हैं।
प्रयागराज महाकुंभ 2025 को स्वच्छ और सुंदर बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को साकार करने में मेला प्रशासन पूरी तत्परता से जुट गया है। लगभग 10 हजार सफाईकर्मी दिन रात पूरे महाकुंभ क्षेत्र को चमकाने के लिए लगाए गए हैं।
विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ 2025 को लेकर प्रयागराज में निर्माण कार्य लगभग पूर्ण होने की कगार पर है। इस दौरान महाकुंभ के आयोजन को लेकर पूरे शहर में सड़कों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्य विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रयागराज में अखाड़ा परिषद के एक अन्य गुट ने धार्मिक आयोजनों के नामों में परिवर्तन किया है। पारंपरिक 'पेशवाई' का नाम बदलकर अब 'कुंभ मेला छावनी प्रवेश यात्रा' कर दिया गया है।
प्रयागराज में आयोजित होने वाले विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन, महाकुंभ, की भव्यता को देखते हुए गूगल ने अपनी नीति में बदलाव किया है। पहली बार गूगल ने किसी अस्थायी शहर, महाकुंभ मेला क्षेत्र, के लिए नेविगेशन सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है।
महाकुंभ-2025 के लिए प्रयागराज की तस्वीर बदलना प्रारंभ हो गई है। कुंभ नगरी और गंगा, यमुना व संगम के घाटों पर कार्यों की गति तेज हो गई है। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा शहर में चल रहे सौंदर्यीकरण और विकास के कार्यों को 15 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
महाकुंभ 2025 के दौरान मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर तीसरी आंख से नजर रखी जाएगी। इसके लिए आर्टिफिशियल लाइसेंस वाले सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के अलावा मोबाइल टॉवर्स पर हाई रिजॉल्यूशन वाले कैमरों को इंस्टॉल किया जाएगा।
प्रयागराज में होने वाले प्रमुख आयोजन महाकुम्भ2025 की तैयारियां जोरो-शोरो से चल रही है। इस दौरान महाकुंभ की तैयारियों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद लीड कर रहे है।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रयागराज महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर रही है। शहर के अतिरिक्त कुंभ क्षेत्र में आगंतुकों के ठहरने के लिए टेंट सिटी का निर्माण किया जा रहा है। टेंट सिटी के साथ ही पहली बार अत्याधुनिक स्लीपिंग पॉड्स की सुविधा प्रदान किए जाने पर विचार किया जा रहा है। पर्यटन विभाग ने इसके लिए रोड मैप तैयार कर लिया है।
भारतीय सिनेमा में कुंभ मेला का जिक्र होते ही हमारे दिमाग में सबसे पहले वही क्लासिक कहानियां आती हैं, जहां भाई-भाई, मां-बेटा या प्रेमी-प्रेमिका भीड़ में एक-दूसरे से बिछड़ जाते थे। यह बिछड़ने का दृश्य बॉलीवुड की कई पुरानी फिल्मों में बड़े भावनात्मक मोड़ के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
प्रयागराज नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही से लोग परेशान हैं। घूरपुर बीकर गांव में कचरा प्रबंधन प्लांट बस्ती के बीचोंबीच लगाया जा रहा है। लोगों को आशंका है कि प्लांट लगने के बाद यहां के लोगों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। गांव के बीच लग रहे इस प्लांट को लगाने का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
महाकुंभ-2025 को भव्य और दिव्य बनाने के साथ ही योगी सरकार दुनिया के सबसे बड़े आयोजन को पूरी दुनिया सामने मिसाल के रूप में भी प्रस्तुत करने जा रही है। करीब दो माह तक चलने वाले इस बड़े आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के साथ ही इस बार कुंभ 2019 की तर्ज पर कई बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड्स भी स्थापित किए जाएंगे।
भारत में आगामी दिनों में त्योहारों का महाकुंभ लगने वाला है। ऐसे में प्रशासन लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई भी गलती नहीं करना चाहती है। इसलिए, 2025 में प्रयागराज के महाकुंभ मेले के साथ ही अयोध्या में राम मंदिर , गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ जैसे धार्मिक स्थलों के साथ ही ताजमहल की सुरक्षा आसमान से ड्रोन करेगा।
आस्था का पर्व महाकुंभ को देखते हुए सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है। इस दौरान पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ अगले साल प्रयागराज में होगा।
आस्था के महाकुंभ को लेकर देशभर में तैयारियां जोरों पर है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इसकी कमान संभाले हुए नजर आ रहे है। जबकि इस बार का होने वाला महाकुंभ भी कई मायनों में खास है।
महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज की शास्त्रीय सीमा में मांस-मदिरा की बिक्री नहीं होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रयागराज में सभी 13 अखाड़ों, खाक-चौक परंपरा, दण्डीबाड़ा परंपरा और आचार्यबाड़ा परंपरा के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों की उपस्थिति में यह घोषणा की।