गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन तट पर आयोजित माघ मेले के चौथे प्रमुख स्नान पर्व बसंत पंचमी को सकुशल और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी हैं।
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन तट पर आयोजित माघ मेले के चौथे प्रमुख स्नान पर्व बसंत पंचमी को सकुशल और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी हैं।
श्रद्धा, संयम और अनुशासन की अनोखी मिसाल बना मौनी अमावस्या का स्नान...
प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की संभावना। आज रात 12 बजे से भारी वाहनों की नो-एंट्री, रूट डायवर्जन लागू।
1 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई पुण्य की डुबकी...
माघ मेला 2025-26 में कुल 12100 फीट लम्बाई में घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं चेंजिंग रूम, पुऑल, कॉसा, शौचालय आदि उपलब्ध हैं।
संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला 2026 का शुभारंभ पौष पूर्णिमा से हुआ। मकर संक्रांति पर करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना, देश-विदेश से श्रद्धालु संगम स्नान के लिए पहुंच रहे हैं।
10 दिनों में 1.25 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में लगाई पवित्र डुबकी...
प्रयागराज दौरे पर सीएम योगी का बड़ा बयान...
तीन डुबकी के साथ मुख्यमंत्री ने किया संगम स्नान...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारू आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचने लगे। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात की व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
मान्यता है कि माघ मास में सभी देवी-देवता प्रयागराज में वास करते हैं, इसलिए पौष पूर्णिमा से कल्पवास की परंपरा प्रारंभ होती है।
पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 4 बजे से होते ही ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का क्रम आरंभ हो गया। प्रशासन के अनुमान के अनुसार, सुबह से ही 25 से 30 लाख श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर चुके हैं। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और श्रद्धा में कोई कमी नहीं दिखी।
मेला प्राधिकरण का कहना है कि साधु-संतों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई है कि माघ मेला धर्म और आस्था से जुड़ा आयोजन है, जहां गैर-धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती।
परिवहन निगम द्वारा माघ मेले के लिए दो अस्थायी बस स्टेशन बनाए गए हैं। लखनऊ क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि ये अस्थायी बस स्टेशन बेलाकछार और झूंसी-पटेलनगर क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।