आउटसोर्सिंग कंपनी पर FIR, प्रशासनिक जांच के आदेश...
आउटसोर्सिंग कंपनी पर FIR, प्रशासनिक जांच के आदेश...
योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में 13 अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी...
6 फरवरी 2026 तक दर्ज करा सकते हैं दावा-आपत्ति...
SIR प्रक्रिया के बाद निर्वाचन आयोग की बड़ी कार्रवाई...
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 16वीं राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति की बैठक आयोजित की गई।
सुशासन और सक्षम मानव संसाधन निर्माण की दिशा में उत्तर प्रदेश अग्रणी...
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं और अब इन्हें उत्कृष्टता के उच्चतम स्तर तक ले जाने पर कार्य हो रहा है।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, अगर किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मतदाताओं को 6 फरवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया गया है।
चुनाव आयोग द्वारा पहले चरण की SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची सार्वजनिक की गई है। इससे पहले आयोग ने मतदाता सत्यापन की समय-सीमा को दो बार बढ़ाया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि VB-G RAM G एक्ट पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करता है, रोजगार के अवसर पैदा करता है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देता है।
CMO के निरीक्षण के बाद 17 कर्मचारी से स्पष्टीकरण...
मुख्य सचिव ने जनगणना-2027 की तैयारियों के समयबद्ध निष्पादन, प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय और डिजिटल साधनों के समुचित उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने प्रशिक्षण की अहमियत रेखांकित करते हुए प्रभावी प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने और उपयुक्त प्रशिक्षकों के चयन के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों के शेष विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को शीघ्र नल कनेक्शन से आच्छादित करने पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को शेष संस्थानों की सूची तत्काल मिशन को उपलब्ध कराने और प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निर्वाचन आयोग की इस अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से जुड़े सभी आंकड़े सार्वजनिक करेंगे। इसमें कितने नाम जोड़े गए, कितने हटाए गए और किन कारणों से नाम कटे, इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी।
भूमि सुधारों के तहत प्रदेश में मिश्रित उपयोग विकास को बढ़ावा देने के लिए फ्लेक्सिबल जोनिंग फ्रेमवर्क अपनाया गया है। भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया गया है।