उत्तर प्रदेश में 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को जिलाधिकारी बनाए जाने की प्रक्रिया के बीच एक कथित विवादित अधिकारी की संभावित तैनाती को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आरोप है कि संबंधित अधिकारी पर पूर्व में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगते रहे हैं। मामले में मुख्यमंत्री और नियुक्ति विभाग से संज्ञान लेकर नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है।
