महाकुम्भ में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रयागराज में मंडलायुक्त रहे आशीष गोयल और एडीए के वीसी रहे भानु गोस्वामी की तैनाती के साथ ही 05 विशेष सचिव भी तैनात किये गए हैं।
महाकुम्भ में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रयागराज में मंडलायुक्त रहे आशीष गोयल और एडीए के वीसी रहे भानु गोस्वामी की तैनाती के साथ ही 05 विशेष सचिव भी तैनात किये गए हैं।
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 का आज 17वां दिन (29 जनवरी) है। इस पावन अवसर पर मौनी अमावस्या के दिन दूसरा अमृत स्नान जारी है। संगम तट पर नागा साधु और संतगण परंपरागत ढंग से स्नान कर रहे हैं।
प्रयागराज महाकुंभ 2025 में आयोजित धर्म संसद में सनातन बोर्ड के गठन की मांग जोर-शोर से उठ रही है। संतों और धर्माचार्यों ने वक्फ बोर्ड की तर्ज पर सनातन बोर्ड बनाने की वकालत की।
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 के दौरान मौनी अमावस्या स्नान के दिन भगदड़ मचने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस हादसे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए पांच अहम अपील की है।
महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर भीड़ बढ़ने से रात के दो बजे भगदड़ का माहौल बन गया। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस भगदड़ में संगम नोज के करीब दर्जनों लोगों के घायल और 10 लोगों के मौत की खबर मिली है।
महाकुंभ 2025 में उमड़ी आस्था की लहर न केवल प्रयागराज बल्कि आसपास के तीर्थ स्थलों काशी और अयोध्या पर भी भारी दबाव बना रही है।
महाकुंभ का आयोजन न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह जीवन, मृत्यु और मोक्ष के गूढ़ रहस्यों को जानने और समझने का भी एक माध्यम है। महाकुंभ के दौरान नागा साधुओं की उपस्थिति और उनकी जीवन शैली लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होती है।
महाकुंभ के अवसर पर बुधवार को मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर सबसे बड़ा अमृत स्नान आयोजित किया जाएगा। प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस दिन आठ से दस करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ में आ सकते हैं। भीड़ प्रबंधन और सुचारु व्यवस्था के लिए प्रशासन ने अखाड़ों के स्नान के समय में बदलाव किया है।
गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मठों, मंदिरों और अखाड़ों के संतों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संगम में पवित्र डुबकी लगाई। संत समाज ने उन्हें वैदिक विधि से स्नान करवाया और मां गंगा का पावन जल गृहमंत्री पर छिड़ककर पूजा-अर्चना कराई।
तीरथराज प्रयाग का महाकुंभ जन मन का महापर्व बन चुका है। अपवाद छोड़ दें तो हर कोई एक-दूसरे का हर संभव सहयोग कर रहा है। बिना पूछे भी। प्रशासन की तो खैर हर जगह प्रभावी उपस्थित है ही। हमारे सनातन धर्म का हर आयोजन, जन मन का आयोजन बने।
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सोमवार को आयोजित सनातन धर्म संसद में मथुरा को लेकर एक नई आवाज उठी। इस मौके पर प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने वक्फ बोर्ड और मंदिरों के सरकारी नियंत्रण पर तीखे सवाल उठाए।
महाकुंभ के दौरान आयोजित परमधर्म संसद में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने धर्म न्यायालय के गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों के समाधान के लिए एक अलग न्यायालय की जरूरत है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में विशेषज्ञता और संवेदनशीलता लाई जा सके।
प्रयागराज महाकुंभ 2025 में आज धर्म संसद का आयोजन किया गया है, जिसमें सनातन बोर्ड के गठन का ऐलान किया जाना है। इस ऐतिहासिक फैसले पर चारों शंकराचार्य, 13 अखाड़े और हजारों साधु-संत अपनी सहमति पर मुहर लगाएंगे।
राष्ट्रीय संत सदगुरु ऋतेश्वर महाराज ने रायबरेली में महाकुंभ की महिमा का बखान करते हुए कहा कि जहां अमृत छलका था, वहीं महाकुंभ का आयोजन होता है। इस बार का महाकुंभ भारत की प्राचीन संस्कृति और खोई हुई गरिमा को वापस लाने का माध्यम बनेगा।