लखनऊ से बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी गई है। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को राहत देते हुए दावे और आपत्तियों के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय देने यानि 6 मार्च तक का समय दिया है।
यह दूसरी बार है जब चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी करने की समय-सीमा को आगे बढ़ाया है। पहले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सूची जल्द जारी की जानी थी, लेकिन अब संशोधित कार्यक्रम के तहत अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि यह फैसला मतदाताओं को पूरी पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग चाहता है कि कोई भी योग्य मतदाता तकनीकी या प्रक्रियात्मक कारणों से मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
अधिकारियों के अनुसार अतिरिक्त समय मिलने से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से जुड़ी सभी दावे-आपत्तियों का निष्पक्ष और समयबद्ध निपटारा किया जा सकेगा। इससे आगामी चुनावों में मतदाता सूची को अधिक सटीक और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा। SIR प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाने के फैसले को चुनावी पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ योग्य मतदाताओं को राहत मिलेगी, बल्कि चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा भी और मजबूत होगा।