मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेशवासियों को 2017 से पहले की स्थिति को कभी नहीं भूलना चाहिए। उस समय उत्तर प्रदेश भय, आतंक, उपद्रव और अराजकता के माहौल से जूझ रहा था। न बेटियाँ सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी। आम नागरिकों के मन में असुरक्षा की भावना व्याप्त थी और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले जाति और परिवारवाद की राजनीति करने वालों ने प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। इन ताकतों ने उत्तर प्रदेश के सामने एक गंभीर पहचान का संकट खड़ा कर दिया था, जिससे प्रदेश को “बीमारू राज्य” की छवि झेलनी पड़ी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश की राजनीति की दिशा पूरी तरह बदल चुकी है। अब सरकारें समस्याओं को बढ़ावा देने की बजाय उनके समाधान पर काम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश निरंतर विकास की ओर अग्रसर है और हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी यह क्षेत्र माफिया और इंसेफलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के लिए जाना जाता था, लेकिन आज गोरखपुर विकास की नई पहचान बन चुका है।
विश्वस्तरीय सड़कों का निर्माण
AIIMS और मेडिकल कॉलेज
फर्टिलाइज़र कारखाना और आयुष विश्वविद्यालय
गीडा (GIDA) क्षेत्र में तेजी से बढ़ता निवेश
पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी बुनियादी परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह “नए भारत के नए उत्तर प्रदेश” का प्रतीक है, जहाँ विकास, सुरक्षा और निवेश एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव परिवारवादी और जातिवादी सोच रखने वालों को स्वीकार नहीं हो पा रहा, लेकिन प्रदेश की जनता अब विकास और सुशासन के साथ मजबूती से खड़ी है।