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Lucknow: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में कारागार सुधार पर बैठक, समयपूर्व रिहाई शासनादेश पर चर्चा

राजभवन लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं की बैठक हुई। समयपूर्व रिहाई शासनादेश, पारदर्शिता, कौशल विकास और महिला बंदियों की आवश्यकताओं पर दिए गए अहम निर्देश।

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
Updated:
Lucknow: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में कारागार सुधार पर बैठक, समयपूर्व रिहाई शासनादेश पर चर्चा

प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज राजभवन, लखनऊ में कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएँ, उत्तर प्रदेश द्वारा समयपूर्व रिहाई से संबंधित प्रस्तावित शासनादेश के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कारागार व्यवस्था में पारदर्शिता, सुधार और मानवीय दृष्टिकोण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

प्रस्तावित शासनादेश के प्रावधानों की गहन समीक्षा

बैठक के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित शासनादेश के उद्देश्यों, पात्रता मानदंडों, प्रक्रियाओं एवं सुधारात्मक पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें समयपूर्व रिहाई की नीति को अधिक न्यायसंगत, पारदर्शी और सामाजिक रूप से प्रभावी बनाने के सुझाव प्रस्तुत किए गए। राज्यपाल ने विषय की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी बिंदुओं की गहन समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

पारदर्शी और सुधारात्मक प्रक्रिया पर जोर

राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि समयपूर्व रिहाई की प्रक्रिया पूरी तरह न्यायसंगत, पारदर्शी और सुधारात्मक उद्देश्य पर आधारित होनी चाहिए, जिससे बंदियों के अधिकार सुरक्षित रहें और समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। उन्होंने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र होना चाहिए।

बंदियों की मूलभूत सुविधाओं पर मानवीय दृष्टिकोण

राज्यपाल ने जेलों में निरुद्ध बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार अपनाते हुए उनके सर्वांगीण विकास के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।

आधुनिक तकनीक से सुदृढ़ होगी कारागार व्यवस्था

राज्यपाल ने गुजरात स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय रक्षा शक्ति महाविद्यालय तथा इसरो स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के अपने हालिया दौरे के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इन संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फॉरेंसिक विज्ञान और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अपराध जांच को अधिक वैज्ञानिक और सटीक बनाया गया है।

अधिकारियों को तकनीकी संस्थानों के भ्रमण के निर्देश

राज्यपाल ने सुरक्षा, फॉरेंसिक एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्यरत इन प्रतिष्ठित संस्थानों की सराहना करते हुए अधिकारियों को ऐसे संस्थानों के अध्ययन भ्रमण के लिए प्रेरित किया, ताकि नवीन तकनीकों को कारागार व्यवस्था में लागू कर इसे और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

आय सृजन और कौशल विकास पर विशेष फोकस

कारागार सुधार के उद्देश्य से राज्यपाल ने निर्देश दिए कि जेल परिसरों में बंदियों द्वारा उपजाई जा रही शाक-सब्जियों के उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए और उन्हें समीपवर्ती आंगनबाड़ी केंद्रों एवं प्राथमिक विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने बंदियों के आय सृजन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण एवं उत्पादक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।

महिला बंदियों और बच्चों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता

राज्यपाल ने सजायाफ़्ता महिला बंदियों तथा उनके साथ रह रहे छोटे बच्चों की आवश्यकताओं पर विशेष संवेदनशीलता के साथ ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और देखभाल की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने को कहा।

विभागीय समन्वय और आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश

राज्यपाल ने कारागारों से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु गृह विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही, अधिकारियों को कारागारों का आकस्मिक निरीक्षण कर नियमों और मानकों के कड़ाई से अनुपालन पर विशेष ध्यान देने को कहा।

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