इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने यूपी के डीजीपी को आदेश दिया है कि जमानत से जुड़े मामलों सहित सभी आपराधिक मामलों में पुलिस मैनुअल प्रणाली पर निर्भर रहने के बजाय ई-माध्यम (ई-मेल) का उपयोग सुनिश्चित करे।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पुलिस विभाग को अब आपराधिक मामलों से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश, पत्राचार और आदेश ई-मेल के माध्यम से संबंधित सरकारी वकीलों को भेजने चाहिए। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि अनावश्यक देरी और फाइलों के भटकने जैसी समस्याएँ भी खत्म होंगी। कोर्ट ने निर्देश दिया-“डीजीपी ऐसे आदेश जारी करें जिससे यह सुनिश्चित हो कि पुलिस अब पारंपरिक मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भर न रहते हुए ई-माध्यम का इस्तेमाल करे।”
कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी की जमानत या अन्य संवेदनशील आपराधिक मामलों में आवश्यक सूचनाएँ और रिपोर्ट समय से उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए डीजीपी यह सुनिश्चित करें कि सभी संबंधित पुलिस अधिकारी समयबद्ध रूप से ई-मेल के जरिए आवश्यक जानकारी सरकारी वकील को भेजें।
हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी यूपी पुलिस में तकनीकी उपयोग को बढ़ावा देने और न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से की है। अदालत का मानना है कि डिजिटल साधनों का उपयोग बढ़ने से न्यायिक कार्यवाही तेज होगी और संचार में पारदर्शिता आएगी।